मोहन यादव (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

MP में सरकारी नौकरी के लिए खत्म होगी ‘दो बच्चों की बाध्यता’, सीएम मोहन यादव ने निरस्त किया ड्राफ्ट नियम

CM Mohan Yadav Decision: MP में सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की बाध्यता खत्म करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। CM ने विवादित ड्राफ्ट नियम निरस्त कर नया प्रारूप जारी करने के निर्देश दिए हैं।

प्रीतेश जैन

MP Government Job Two Child Policy Removed: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं और शासकीय कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के उस प्रस्तावित ड्राफ्ट को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें दो से अधिक जीवित संतान वाले अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी के लिए अपात्र मानने का प्रावधान शामिल था।

सीएम मोहन यादव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस प्रारूप को तत्काल सरकारी पोर्टल से हटाया जाए और विवादित प्रावधानों को समाप्त कर संशोधित ड्राफ्ट तैयार किया जाए। सरकार के इस निर्णय को लाखों युवाओं और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

साल 2001 से लागू था नियम

जानकारी के अनुसार साल 2001 में लागू किए गए प्रावधान के तहत 26 जनवरी 2001 या उसके बाद दो से अधिक जीवित संतान वाले उम्मीदवारों को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के अंतर्गत सीधी भर्ती और कुछ विभागीय नियुक्तियों के लिए अयोग्य माना जाता था। इसके अलावा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 में भी दो से अधिक संतान होने को ‘कदाचार’ की श्रेणी में रखा गया था। इस कारण कर्मचारियों को पदोन्नति, सेवा लाभ और अन्य प्रशासनिक मामलों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

हाल के दिनों में प्रस्तावित नए ड्राफ्ट को लेकर युवाओं और कर्मचारियों के बीच चर्चा और चिंता का माहौल था। इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं संज्ञान लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि दो बच्चों की सीमा संबंधी सभी बाध्यकारी प्रावधानों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान ड्राफ्ट को निरस्त कर नया प्रारूप तैयार किया जाए, जिसमें इस प्रकार की अपात्रता या कदाचार संबंधी शर्तें शामिल न हों।

लाखों लोगों को मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी जो पारिवारिक परिस्थितियों के कारण दो से अधिक संतान होने पर सरकारी नौकरी के अवसरों से वंचित हो सकते थे। साथ ही शासकीय कर्मचारियों के लिए भी यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि अब इस आधार पर कदाचार की कार्रवाई का प्रावधान भी समाप्त होने की संभावना है। प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को कर्मचारी हितैषी और व्यावहारिक कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि संशोधित नियम लागू होने के बाद भर्ती और सेवा संबंधी प्रक्रियाओं में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

5 राज्यों के चुनाव में BJP को ₹1,473 करोड़ का चंदा, कांग्रेस से 7 गुना ज्यादा; जानें कहां कितना किया खर्च

गांधीनगर में बड़ा हादसा, स्लैब गिरने से मचा हड़कंप, मलबे में दबे 10 लोग; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Chidambaram vs PM Modi: दिमागी नक्सल कहे जाने पर चिदंबरम ने क्यों जताई खुशी? नाराज फूफा पर भी किया पलटवार

रांची में बड़ा हादसा, भरभराकर गिरी जर्जर पानी टंकी, मलबे में दबे कई मजदूर; एक की मौत

INDIA गठबंधन की तरह विजय ने बनाया सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस, TVK समेत 4 पार्टियां हुईं शामिल