क्या मीनाक्षी नटराजन को अपनों से मिला धोखा? नामांकन रद्द होने के बाद दावा- पार्टी से ही लीक हुई थी अहम जानकारी

Congress Information Leak: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक विवाद गहराया है। अब पार्टी के भीतर से जानकारी लीक होने जैसे सवाल खड़े हो गए हैं।
Meenakshi Natarajan Nomination Rejected
कांग्रेस (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Meenakshi Natarajan Nomination Rejected: मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त होने के बाद राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जहां कांग्रेस इस पूरे मामले को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल बता रही है, वहीं अब पार्टी के भीतर से ही जानकारी बाहर आने की चर्चाओं ने नए राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मीनाक्षी नटराजन को अपनों से ही धोखा मिला?

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया था। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भाजपा ने आरोप लगाया कि उम्मीदवार ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण की जानकारी शपथ पत्र में नहीं दी है। भाजपा ने इस आधार पर आपत्ति दर्ज कराई। जांच के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन पत्र को निरस्त कर दिया। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई।

कांग्रेस के भीतर से बाहर आई जानकारी?

सूत्रों के अनुसार मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण की जानकारी भाजपा तक पहुंचने के पीछे कांग्रेस के कुछ नेताओं की भूमिका होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि राज्यसभा प्रत्याशी का नाम तय होने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष का माहौल था और इसी दौरान कुछ नेताओं ने संबंधित जानकारी बाहर पहुंचाई। सूत्रों का दावा है कि जब इस जानकारी की पुष्टि हुई, तभी भाजपा ने तीसरी राज्यसभा सीट पर अपनी रणनीति को अंतिम रूप दिया। इसके बाद नामांकन प्रक्रिया के दौरान औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई गई।

टिकट चयन को लेकर भी चर्चा

कांग्रेस के भीतर यह चर्चा भी है कि राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार के चयन को लेकर सभी नेता एकमत नहीं थे। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच अलग-अलग नामों को लेकर राय थी। ऐसे में नामांकन रद्द होने के बाद संगठन के भीतर असंतोष और गुटबाजी की चर्चाओं को भी बल मिला है। हालांकि कांग्रेस की ओर से अब तक इस तरह के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर लगातार चर्चा जारी है।

भाजपा ने कांग्रेस को घेरा

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने सोशल मीडिया पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रत्याशी का चयन कांग्रेस ने किया, जानकारी छिपाई गई और उसी जानकारी को कांग्रेस के नेताओं ने बाहर पहुंचाया। उन्होंने कांग्रेस को अपने संगठन के भीतर झांकने और आत्ममंथन करने की सलाह दी।

कांग्रेस के सामने बढ़ी चुनौती

नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस के सामने केवल चुनावी चुनौती ही नहीं, बल्कि संगठनात्मक सवाल भी खड़े हो गए हैं। यदि पार्टी के भीतर से जानकारी लीक होने के दावों में सच्चाई है तो यह कांग्रेस के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। दूसरी ओर, पार्टी नेतृत्व इस पूरे मामले को राजनीतिक और कानूनी स्तर पर चुनौती देने की तैयारी में जुटा है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद अब चर्चा केवल कानूनी और चुनावी पहलुओं तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या यह मामला सिर्फ दस्तावेजी त्रुटि का था या फिर इसके पीछे कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति ने भी कोई भूमिका निभाई। इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आ सकते हैं, लेकिन फिलहाल राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

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