Bhopal Congress Protest Roshanpura: मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद प्रदेश में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर विशाल धरना प्रदर्शन किया और दिग्गज नेताओं ने सामूहिक उपवास शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, नामांकन खारिज होने की खबर सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी आक्रोश फैल गया। इसके बाद राजधानी भोपाल के प्रमुख रोशनपुरा चौराहे पर पार्टी ने विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया, जहां बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता जुटे।
धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में संविधान की प्रति लेकर विरोध जताया। इसके साथ ही सभी ने अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर इस निर्णय के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का उदाहरण है।
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह सहित अनेक विधायक और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने एक साथ सामूहिक उपवास पर बैठकर अपना विरोध दर्ज कराया। धरना स्थल पर नेताओं ने सत्तापक्ष और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
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कांग्रेस नेताओं का कहना है कि तकनीकी कारणों का हवाला देकर जानबूझकर उनकी मजबूत प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किया गया है, ताकि उन्हें राज्यसभा चुनाव से बाहर किया जा सके। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।