MP Weather News : मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में अब तक औसत 33.1 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य कोटे की 88.7% है। प्रदेश में सामान्य बारिश का औसत 37.3 इंच है। इस तरह अभी सामान्य बारिश के आंकड़े से प्रदेश करीब 4.2 इंच पीछे है। वहीं, 23 जिलों में सामान्य या इससे ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है।
मौसम केंद्र के मुताबिक मानसून की विदाई से पहले प्रदेश में एक बार फिर बारिश का अच्छा दौर आ सकता है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में तेज बारिश होने का अनुमान है। हालांकि फिलहाल 20 सितंबर तक प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।
प्रदेश के ऊपरी हिस्से से मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं अरब सागर में एक लो प्रेशर एरिया भी एक्टिव है। हालांकि इन दोनों सिस्टम का फिलहाल प्रदेश में ज्यादा असर दिखाई देने की संभावना नहीं है। स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण कुछ जिलों में तेज बारिश हो सकती है।
बीते 24 घंटे में झाबुआ के शाहपुरा में करीब 3 इंच और दतिया के सेंवढ़ा में 4 इंच पानी गिरा। बुधवार को भोपाल, सीहोर समेत प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। स्थानीय सिस्टम की वजह से आने वाले दिनों में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार 20 सितंबर तक प्रदेश में तेज बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। इसके बाद 21 सितंबर से चक्रवात या लो प्रेशर एरिया की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर बन सकता है। मानसून पीरियड 30 सितंबर तक रहता है, जबकि कुछ जिलों से मानसून अक्टूबर के पहले सप्ताह तक विदा हो सकता है।
मानसूनी सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। इस अवधि में होने वाली बारिश मानसून के आंकड़ों में दर्ज होती है। हालांकि कई बार मानसून अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में विदा होता है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक इस बार मानसून समय पर विदा हो सकता है। इससे पहले बारिश होने का अनुमान है।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा करीब 1% तक कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 3% से 25% तक कम बारिश दर्ज हुई है। पिछले एक सप्ताह में इन आंकड़ों में सुधार हुआ था। कई जिलों में बाढ़ के हालात बनने से बारिश के आंकड़े सुधरे, लेकिन बुधवार तक पूर्वी हिस्से का आंकड़ा फिर 2% माइनस में पहुंच गया।
पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 3% से 49% तक कम बारिश हुई है।
प्रदेश के 23 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।