मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस फोटो सोर्स- नवभारत
भोपाल

कोसमी में आदिवासियों के मकान तोड़ने पर CM मोहन यादव ने मांगी रिपोर्ट, बोले- दूध का दूध, पानी का पानी होगा

CM Mohan Yadav Statement: कोसमी में आदिवासियों के मकान तोड़ने पर CM मोहन यादव ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई का विरोध कर पीड़ित परिवारों के लिए घर और मदद का ऐलान किया।

सुधीर दंडोतिया, प्रीतेश जैन

Highlights:

  • कोसमी में आदिवासियों के मकान तोड़े जाने के मामले में CM मोहन यादव ने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी।

  • शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई का विरोध कर प्रभावित परिवारों के लिए पक्के मकान और स्थायी व्यवस्था होने तक मदद का ऐलान किया।

  • प्रशासन का दावा है कि वन क्षेत्र में अतिक्रमण और पौधरोपण को नुकसान पहुंचाने के मामले में नोटिस के बाद कार्रवाई की गई।

Kosmi Tribal Houses Demolition Case : बुधनी विधानसभा क्षेत्र के कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के मकान तोड़े जाने के मामले ने सियासी हलचल बढ़ा दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के विरोध के बाद अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी मामले की जांच कराने की बात कही है। सीएम ने कहा कि यह विषय उनकी जानकारी में आया है और उन्होंने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। जांच के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।

सीएम यादव ने कोसमी में वन विभाग की कार्रवाई को लेकर कहा कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने कहा, “हमारे वरिष्ठ नेता ने बात रखी है। मामले की जांच कराएंगे। दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार संवेदनशील है। जांच के बाद कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।

क्या था मामला ?

कोसमी गांव में वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जताई थी। वह देर रात पीड़ित आदिवासी परिवारों के बीच पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कार्रवाई को लेकर कड़े शब्दों में विरोध दर्ज कराया और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए पक्के मकान बनवाए जाएंगे। स्थायी व्यवस्था होने तक उनके रहने और खाने-पीने का खर्च उठाने की बात भी उन्होंने कही थी।

अधिकारियों से चर्चा के बाद भी हुई कार्रवाई

शिवराज सिंह चौहान ने बताया था कि कार्रवाई रोकने के लिए उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल से चर्चा की थी। इसके बावजूद तोड़फोड़ की कार्रवाई होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने और कार्रवाई में शामिल दोषी वन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की थी।

प्रशासन ने बताई कार्रवाई की वजह

प्रशासन के मुताबिक, सीहोर जिले के वन विकास निगम के वन कक्ष क्रमांक 426 में वर्ष 2021 में पौधरोपण किया गया था। प्रशासन का आरोप है कि सिंहपुर के 10 आदिवासी परिवारों ने इस क्षेत्र में पौधरोपण को नुकसान पहुंचाकर खेती शुरू कर दी थी और झोपड़ियां बना ली थीं। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित परिवारों के खिलाफ पहले से वन अपराध के मामले दर्ज थे और उन्हें बेदखली के नोटिस भी दिए गए थे। प्रशासन का कहना है कि इन्हीं प्रक्रियाओं के तहत झोपड़ियों को हटाया गया।

OBC आरक्षण पर भी सरकार करा रही परीक्षण

अब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले में जांच की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले का परीक्षण करा रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इस संबंध में आगे की कार्रवाई या निर्णय की समयसीमा को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

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