Ajay Khemaria Addresses NSS Volunteers: ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय में आयोजित विश्वविद्यालय स्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) नेतृत्व एवं प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन पर स्वयंसेवकों को संस्कार, युवा शक्ति और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया गया।
दिन की शुरुआत प्रभात फेरी, योग-पीटी और परिसर में मानव श्रृंखला बनाकर चलाए गए सघन स्वच्छता अभियान से हुई। इसके बाद बौद्धिक सत्र में विशेषज्ञों ने युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों और बदलती तकनीकी चुनौतियों से अवगत कराया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश दिव्यांगजन आयोग के आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने कहा कि भारत के वास्तविक मर्म और चेतना को समझने के लिए स्वामी विवेकानंद के विचारों का अध्ययन जरूरी है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रसिद्ध लेखक नरेंद्र कोहली की पुस्तकों के पठन के लिए भी प्रेरित किया। डॉ. खेमरिया ने कहा कि आने वाला समय मशीन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का है, ऐसे में घर संस्कारों की मूल पाठशाला है। उन्होंने रील्स और आभासी दुनिया को मानवीय संस्कारों के सामने चुनौती बताते हुए पंच परिवर्तन के सिद्धांतों को अपनाने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजावल जग्गा ने स्वयंसेवकों को साइबर सुरक्षा की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भय और प्रलोभन साइबर असुरक्षा की प्रमुख वजह हैं। विद्यार्थियों को व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रखने की सलाह देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में ओटीपी साझा नहीं करना चाहिए। उन्होंने सिम कार्ड या बैंक खाते किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराने से बचने, असुरक्षित वेबसाइटों से दूर रहने और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों को लेकर सतर्क रहने की बात कही।
विशिष्ट अतिथि प्राचार्य सुनील पाठक ने स्वामी विवेकानंद के संदेश ‘उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक सफलता न मिल जाए’ का स्मरण कराया। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। शिविर संचालक एवं एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. हरिशंकर सिंह कंसाना के निर्देशन में आयोजित सत्र का मंच संचालन डॉ. नरेंद्र कुमार वर्मा ने किया।