Jitu Patwari Letter to President : मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंत्री विजय शाह से जुड़े मामले को लेकर राष्ट्रपति को पत्र लिखा है। पत्र में पटवारी ने मामले को भारतीय सेना के सम्मान, संवैधानिक मर्यादा और न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए मध्य प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से मामले में संवैधानिक दायित्वों के तहत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में कहा कि मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में की गई टिप्पणी ने मर्यादा को ठेस पहुंचाई। उन्होंने इसे केवल एक व्यक्ति से जुड़ा मामला नहीं, बल्कि भारतीय सेना के सम्मान से संबंधित विषय बताया। पटवारी ने कहा कि सेना का सम्मान किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों के राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ा मुद्दा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पत्र में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT के अभियोजन स्वीकृति संबंधी आग्रह का उल्लेख करते हुए मध्य प्रदेश सरकार के रुख पर सवाल खड़े किए हैं। पटवारी का आरोप है कि विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं दिए जाने से न्यायिक प्रक्रिया और सत्ता की जवाबदेही को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या सत्ता में बैठे व्यक्ति कानून और जवाबदेही से ऊपर हो सकते हैं।
जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस पूरे प्रकरण पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पत्र में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कई मौकों पर भारतीय सेना और सैनिकों के सम्मान की बात कर चुके हैं। ऐसे में पटवारी ने उनसे इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने और यह बताने की मांग की कि वे मध्य प्रदेश सरकार के निर्णय से सहमत हैं या नहीं।
पत्र में कांग्रेस नेता ने मामले को मध्य प्रदेश सरकार की संवैधानिक और नैतिक जवाबदेही से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री सहित पूरे मंत्रिमंडल को बर्खास्त करने की मांग की है। पटवारी ने आरोप लगाया कि एक मंत्री को राजनीतिक संरक्षण देने की कोशिश में लोकतांत्रिक और न्यायिक व्यवस्थाओं की मर्यादा प्रभावित हो रही है। उन्होंने राष्ट्रपति से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।
जीतू पटवारी ने पत्र के अंत में राष्ट्रपति से संविधान की मर्यादा, न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता और भारतीय सेना के सम्मान की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा जताई। उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से भी पूरे मामले पर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। फिलहाल इस पत्र के बाद विजय शाह प्रकरण को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज होने की संभावना है।