Integrated Disability Policy Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए एक समग्र नीति तैयार की जाएगी। इसके लागू होने के बाद सभी विभाग एक साझा प्लेटफॉर्म पर समन्वय के साथ काम करेंगे। वर्तमान में अलग-अलग विभाग अपनी-अपनी योजनाएं संचालित करते हैं, लेकिन एकीकृत नीति के अभाव में कार्यों में समानता और बेहतर तालमेल नहीं बन पाता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए डॉ. अजय खेमरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से दिव्यांगजनों के लिए समग्र नीति तैयार करने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए नीति निर्माण की जिम्मेदारी भी डॉ. खेमरिया को सौंप दी है।
डॉ. अजय खेमरिया अगले छह माह में अपनी अनुशंसाएं सरकार को सौंपेंगे, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मध्य प्रदेश में 10 लाख से अधिक दिव्यांगजन हैं। डॉ. खेमरिया ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उल्लेख किया था कि समग्र दिव्यांगजन नीति के अभाव में इस वर्ग के लिए सुनियोजित और प्रभावी विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग योजनाएं संचालित किए जाने से कार्यों में एकरूपता की कमी बनी हुई है। इसी कारण समग्र नीति तैयार करने की आवश्यकता महसूस की गई, जिस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी सहमति जताई है। अब दिव्यांगजन क्षेत्र में कार्य कर रहे संगठनों, विशेषज्ञों और हितग्राहियों से चर्चा कर सुझाव लिए जाएंगे जिससे व्यापक और प्रभावी नीति तैयार की जा सके। इसके साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का भी आकलन कराया जाएगा। प्राप्त सुझावों और अध्ययन के आधार पर नीति का प्रारूप तैयार कर सरकार को सौंपा जाएगा।
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डॉ. अजय खेमरिया ने मीडिया को बताया कि वर्तमान में दिव्यांगजनों से जुड़े कार्य सामाजिक न्याय, एमएसएमई, एनआरएलएम, महिला एवं बाल विकास समेत कई विभागों द्वारा अलग-अलग स्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले छह माह में समग्र नीति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया जाएगा और कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इसे वर्ष 2026 में ही लागू करने की योजना है।