Warehouse Controversy Madhya Pradesh: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से जुड़े बताए जा रहे वेयरहाउसों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगाइच ने हाल ही में जीतू पटवारी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि अमर्यादित भाषा का प्रयोग कांग्रेस की कार्यशैली को दर्शाता है।
वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय नगाइच ने साफ कहा कि जीतू पटवारी की स्थिति 'खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे' जैसी हो गई है और वे तथ्यों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
संजय नगाइच ने दावा किया कि जीतू पटवारी से जुड़े चार वेयरहाउसों की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कोई कांग्रेस नेता हो, भाजपा नेता हो या अधिकारी, सभी को नियमों का पालन करना होगा और जहां भी अनियमितताएं पाई जाएंगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पटवारी द्वारा कथित रूप से इस्तेमाल किए गए "याचन-नाचन" जैसे शब्दों पर भी आपत्ति जताई।
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीतिक दबाव की रणनीति बताते हुए पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा कांग्रेसियों को डराने और दबाव बनाने के लिए इस तरह की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है, किसी की गुंडागर्दी से नहीं, और आगे भी संविधान के अनुसार ही चलेगा।
वंही दूसरी तरफ अभिनव बरौलिया ने कहा कि जीतू पटवारी लगातार जनता से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं और सरकार को घेर रहे हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने वेयरहाउसिंग निगम अध्यक्ष संजय नगाइच पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे कोई बड़े जनाधार वाले नेता नहीं हैं और राजनीतिक बयान देकर सुर्खियां बटोरने का प्रयास कर रहे हैं।
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कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी मामले में जांच होती है तो उसका स्वागत है, लेकिन जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि वेयरहाउस मामले को राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उछाला जा रहा है, जबकि भाजपा इसे नियमों के पालन और जवाबदेही का मामला बता रही है। ऐसे में यह विवाद अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का केंद्र बन गया है।