

Jitu Patwari Reaction After Warehouse Notice: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के वेयरहाउस को नोटिस मिलने के बाद प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है। नोटिस जारी होने के बाद पटवारी ने वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि यह कार्रवाई प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की जा रही है। इस मामले को लेकर उन्होंने वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर कड़ी नाराजगी भी जताई है।
वेयरहाउस को नोटिस मिलने के बाद जीतू पटवारी ने सीधे तौर पर वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से उनके वेयरहाउस का निरीक्षण किया गया और उसके बाद नोटिस जारी किया गया, उससे स्पष्ट है कि उन्हें निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। पटवारी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी।
जीतू पटवारी ने वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के नवनियुक्त अध्यक्ष संजय नगाइच का नाम लेते हुए उन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष बनने के बाद नगाइच उनके वेयरहाउस के निरीक्षण के लिए पहुंचे और वहां मौजूद जालों सहित अन्य छोटी-छोटी बातों को मुद्दा बनाकर अनावश्यक टिप्पणियां कीं। पटवारी के मुताबिक, यदि राजनीतिक कारणों से इस तरह की कार्रवाई की जाएगी तो इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने इसे बदले की राजनीति का हिस्सा बताया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन समय पर किराया भुगतान नहीं कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर वेयरहाउस संचालकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब किराया समय पर नहीं दिया जा रहा तो फिर इस तरह की कार्रवाई और अपमानजनक व्यवहार का कोई औचित्य नहीं बनता। पटवारी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि यदि कॉरपोरेशन को आपत्ति है तो वह अपना अनाज उनके वेयरहाउस से हटा सकता है।
जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि उनके वेयरहाउस में रखा सरकारी अनाज पूरी तरह सुरक्षित है और उसके रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वह पहले भी पत्राचार कर चुके हैं और अब दोबारा अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
जीतू पटवारी ने कहा कि कॉरपोरेशन के अधिकारी किसी भी समय आकर निरीक्षण कर सकते हैं, लेकिन दबाव बनाकर राजनीति करना उचित नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।