Digvijay Singh Target Modi Government: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। दरअसल, दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर पोस्ट करते हुए चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि मोदी सरकार पूरी तरह विफल शासन व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व जनआक्रोश और गुस्से का सामना कर रही है।
साथ ही उन्होंने एसआईआर के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए। अपने पोस्ट में दिग्विजय सिंह ने बंगाल और बिहार के चुनाव का भी जिक्र किया और उन्हें एक जैसा बताया। अब पूर्व मुख्यमंत्री के इस पोस्ट के बाद मध्य प्रदेश में सियासी भूचाल आ गया है।
दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर लिखा कि दो बातों को ध्यान में रखना जरूरी है। पहली, मोदी सरकार अपनी पूरी तरह विफल शासन व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व जनआक्रोश और गुस्से का सामना कर रही है। दूसरी, निष्पक्ष मुकाबले में मतदाताओं का सामना करने में असमर्थ होकर उसने अब यह रास्ता चुना है कि कौन वोट दे सकता है और कौन नहीं, इसकी सूचियों में हेरफेर कर अपने पक्ष में संतुलन बनाया जाए। व्यापक रूप से देखें तो एसआईआर का उद्देश्य यही है।
उन्होंने आगे लिखा कि एसआईआर को भलें ही कानूनी मंजूरी प्राप्त हो लेकिन इसे जिस तरीके से लागू किया गया है, उस पर नजर डालिए। बंगाल हो या बिहार, कहानी एक जैसी है। बड़ी संख्या में चुनिंदा मतदाताओं के नाम डिलीट किए जा रहे हैं और फिर उन्हें ऐसी अपील प्रक्रिया का सामना करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो मनमानी और अंततः निरर्थक है।
सुप्रीम कोर्ट ने कानून के प्रश्न पर अपना फैसला दिया है। हम सम्मानपूर्वक उस फैसले से असहमति जता सकते हैं। हमने देखा कि भारतीय निर्वाचन आयोग ने बिना किसी उचित कारण के एसआईआर प्रक्रिया को किस तरह जल्दबाजी में आगे बढ़ाया और पूरी प्रक्रिया का साफ एवं लगातार दिखाई देने वाला उद्देश्य पहले नाम डिलीट और बाद में सवाल पूछना था। उनकी जल्दबाजी इतनी गंभीर और खुल्लमखुल्ला थी कि स्वयं सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप कर सुरक्षा उपाय लागू करने पड़े। क्या यही सुप्रीम कोर्ट नहीं था जिसने-
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उन्होंने अंत में लिखा कि यह स्पष्ट रूप से ऐसी प्रक्रिया थी जो खामियों से भरी हुई थी और दुर्भावनापूर्ण मंशा पर आधारित थी। कानूनी मंजूरी पहली नजर में वैधता दे सकती है, लेकिन वह उसके लागू करने में मौजूद दुर्भावना को समाप्त नहीं कर सकती।