CM Sugam Parivahan Seva : मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर योजना में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। 28 सितंबर को लिखे पत्र में पटवारी ने योजना की शुरुआत, बसों की संख्या, बसों की स्थिति और प्रचार-प्रसार पर खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं।
पटवारी ने पत्र में कहा कि प्रदेश में 15 हजार बसों की योजना की शुरुआत ही कथित जालसाजी से हुई। उन्होंने कार्यक्रम में 1500 बसों के दावे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी आंकड़ों में फिलहाल 351 बसें दिखाई गईं। हालांकि, सरकार की ओर से योजना के पहले चरण में 351 बसें शुरू किए जाने और पहले वर्ष में 1,500 बसों तक विस्तार का लक्ष्य बताया गया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शित भगवा रंग की कुछ बसें पुरानी बसें थीं, जिन पर केवल रंग-रोगन कर उन्हें कार्यक्रम में खड़ा किया गया। उन्होंने दावा किया कि शिकायतों के अनुसार अफसरों ने बस मालिकों की पुरानी बसों पर भगवा रंग करवाकर उन्हें कार्यक्रम स्थल पर खड़ा कराया। पटवारी ने बसों की फिटनेस को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
पत्र में पटवारी ने इंदौर में हुए बस हादसे का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक बस के ब्रेक फेल होने से कई नागरिक इसकी चपेट में आए। इसी घटना को आधार बनाते हुए उन्होंने बसों की फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। वहीं, योजना के आधिकारिक विवरण के अनुसार बसों में CCTV, पैनिक बटन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं।
पटवारी ने योजना के प्रचार-प्रसार पर हुए खर्च को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने पत्र में कहा कि प्रचार पर खर्च की गई राशि से कई नई बसें खरीदी जा सकती थीं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण का हवाला देते हुए सरकार से इस पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि यदि वे इस कथित फर्जीवाड़े में संलिप्त नहीं हैं तो जिम्मेदार नौकरशाहों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी जनता के साथ हुए कथित फ्रॉड की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराएगी।
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत 25 सितंबर को भोपाल में हुई थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सात शहरों के लिए 351 बसों को हरी झंडी दिखाई थी। इनमें 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें शामिल हैं। सरकार ने पहले वर्ष में 1,500 बसें और 2031 तक 15,000 बसों का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य बताया है।