

Chita Movement Enters 16th Day Panna: पन्ना में मझगाय बांध प्रभावितों का चिता आंदोलन 16वें दिन भी जारी रहा। रविवार-सोमवार की दरमियानी रात प्रदर्शन स्थल पर पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने के बाद आंदोलनकारियों ने पुलिस पर मारपीट, महिलाओं से अभद्रता और मोबाइल छीनने के आरोप लगाए हैं।
विरोध में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है।
कुंवरपुर निवासी रजुलिया और राजाबाई आदिवासी ने आरोप लगाया कि रात करीब 10 से 11 बजे के बीच पुलिस और प्रशासन की टीम अचानक गांव में पहुंची। उनके मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने घरों में घुसने की कोशिश की और महिलाओं के साथ खींचतान की। महिलाओं का आरोप है कि इस दौरान गाली-गलौज और तोड़फोड़ भी की गई, जिससे गांव में मौजूद बच्चों और महिलाओं में दहशत का माहौल बन गया।
आंदोलन से जुड़े भारत आदिवासी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल की ओर जाते समय पन्ना पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और लाठियों से मारपीट की। उनका आरोप है कि पुलिस ने उनका मोबाइल भी छीन लिया। आंदोलन से जुड़ी दिव्या अहिरवार ने भी दावा किया कि रात में गांव में पहुंचकर लोगों के साथ मारपीट की गई और कुछ मोबाइल फोन तोड़े गए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने कहा कि जब तक प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आमरण अनशन और शांतिपूर्ण सत्याग्रह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों के अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर है। आंदोलनकारियों ने कहा कि वे सत्य, अहिंसा और संविधान के रास्ते पर चलते हुए अपना विरोध जारी रखेंगे।
पूरे मामले को लेकर जब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह चौहान से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो दो बार फोन करने के बाद भी उनसे संपर्क नहीं हो सका। ऐसे में पुलिस की ओर से लगाए गए आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर समाधान नहीं होता, चिता आंदोलन जारी रहेगा।