सीएम मोहन यादव (सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

CM मोहन यादव की प्रदेशवासियों से अपील, सार्वजनिक परिवहन अपनाने का किया आग्रह; नेताओं को दिया यह संदेश

CM Mohan Yadav Message: प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने का संकल्प लिया। साथ ही नेताओं को सादगी से कार्यभार ग्रहण करने की सलाह दी।

सजल रघुवंशी

CM Mohan Yadav On Fuel Saving: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल और डीजल के उपयोग में कमी लाने की अपील का असर अब मध्य प्रदेश सरकार में भी दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह संदेश दिया है कि पीएम मोदी की अपील पर मध्यप्रदेश राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए संकल्पित है।

बता दें कि दुनिया में लगातार बढ़ते ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच पीएम मोदी ने देश की जनता से एक अहम अपील की है। उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल जैसे पेट्रोलियम उत्पादों का सोच-समझकर और संयम के साथ इस्तेमाल करने को कहा है।

सीएम मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से किया आग्रह

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडीया प्लेटफॉर्म फेकबुक पर पोस्क लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर मध्यप्रदेश राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए संकल्पित है। आगामी आदेश तक मेरे कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से न्यूनतम वाहन होंगे और भ्रमण के दौरान कोई वाहन रैली नहीं होगी। सभी मंत्रीगण भी यात्रा के समय न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे। साथ ही, नवनियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करेंगे। प्रदेशवासियों से भी आग्रह है कि वह सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं। राष्ट्रहित सर्वोपरि है।

जारी किए जा सकते हैं यह निर्देश

जल्द ही कम ईंधन खपत वाले वाहनों के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। वित्त विभाग प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के उपयोग की मात्रा तथा उसके नियमन को लेकर भी नीति तय करने की तैयारी में है, जिस पर जल्द फैसला लिया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों से पेट्रोल-डीजल पर होने वाले खर्च में कमी लाने और व्यक्तिगत खर्चों में भी कटौती करने को कहा है।

सीएम के काफिले में हो सकता है बदलाव

एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सीएम डॉ. मोहन यादव के काफिले में वर्तमान में करीब 13 वाहन शामिल रहते हैं। इनमें से पांच से छह वाहनों की संख्या घटाने पर विचार किया जा सकता है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत शामिल कुछ खाली चलने वाले वाहनों को भी कम किया जा सकता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के दौरों के दौरान स्वागत के लिए बड़ी संख्या में वाहनों के साथ जुटने वाली भीड़ को नियंत्रित करने की तैयारी है। वहीं वन विभाग और पुलिस विभाग को छोड़कर अन्य सभी विभागों में नए वाहन खरीदने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

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