Bhopal Sugar Price : राजधानी भोपाल में पिछले एक महीने से लगातार तेज चल रहे चीनी के दामों में गुरुवार को अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हनुमानगंज में चीनी का थोक भाव एक ही दिन में 10 रुपए गिरकर 51.50 रुपए प्रति किलो पर आ गया। बुधवार को यही भाव 61.50 रुपए प्रति किलो था। कीमतों में गिरावट के साथ ही खाद्य विभाग की टीमों ने भी चीनी के स्टॉक और रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी।
खाद्य विभाग की तीन टीमों ने हनुमानगंज और जुमेराती क्षेत्र के करीब एक दर्जन थोक कारोबारियों के प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर स्टॉक की जांच की। टीमों ने कारोबारियों के पास मौजूद चीनी की मात्रा का रिकॉर्ड से मिलान किया। जांच के दौरान स्टॉक को लेकर विभाग की ओर से कारोबारियों के दस्तावेज और उपलब्ध माल की जानकारी जुटाई गई।
राजधानी भोपाल में पिछले महीने चीनी के फुटकर भाव में भी तेजी देखने को मिली थी। शक्कर का खुदरा भाव करीब 45 रुपए से बढ़कर 75 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया था। हालांकि बुधवार को इसमें कुछ गिरावट आई और फुटकर बाजार में चीनी करीब 62 रुपए किलो तक बिकी। अब थोक भाव में अचानक 10 रुपए की गिरावट के बाद बाजार में कीमतों को लेकर नई स्थिति बन गई है।
चीनी के दाम गिरने से उन कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने तेजी के दौरान बड़ी मात्रा में स्टॉक खरीदा था। कारोबारियों का कहना है कि जिस भाव पर उन्होंने माल खरीदा था, अब उससे काफी कम कीमत पर बाजार में बिक्री हो रही है। ऐसे में पुराने स्टॉक पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन के मुताबिक थोक कारोबारियों के लिए फिलहाल 4000 क्विंटल और फुटकर कारोबारियों के लिए 100 क्विंटल तक स्टॉक की सीमा निर्धारित है। जांच के दौरान दुर्गेश ट्रेडर्स के यहां 332 क्विंटल, मिश्रीचंद ट्रेडर्स के यहां 650 क्विंटल और रवि स्टोर पर 250 क्विंटल चीनी मिली।
जांच के दौरान सामने आया कि राजधानी के ज्यादातर थोक कारोबारियों के पास करीब 1000 क्विंटल तक चीनी का स्टॉक रहता है। विभाग की टीमें कारोबारियों के स्टॉक और रिकॉर्ड का मिलान कर रही हैं। इसका उद्देश्य निर्धारित सीमा के भीतर स्टॉक होने की स्थिति की जांच करना है।
सूत्रों के मुताबिक चीनी के थोक स्टॉक की सीमा में बदलाव किया जा सकता है। 15 सितंबर तक थोक कारोबारियों के लिए स्टॉक लिमिट 2000 क्विंटल किए जाने की संभावना बताई जा रही है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय का इंतजार है। फिलहाल खाद्य विभाग की जांच और चीनी के दामों में अचानक आई गिरावट पर कारोबारियों और उपभोक्ताओं की नजर बनी हुई है।