सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते लगा कचरे का ढेर फोटो सोर्स- नवभारत
भोपाल

भोपाल में कचरे के बाद अब पानी का संकट! सफाईकर्मियों के समर्थन में उतरे जलप्रदाय समेत 13 हजार कर्मचारी

Bhopal Garbage And Water Crisis : भोपाल में सफाईकर्मियों की हड़ताल में 13 हजार कर्मचारी शामिल हो गए हैं। 400 कचरा गाड़ियां खड़ी हैं और शुक्रवार से पानी सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी गई है।

प्रीतेश जैन

Highlights:

  • सफाईकर्मियों की हड़ताल में भोपाल के 13 हजार कर्मचारी शामिल।

  • वेतन 10,500 से बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने की मांग।

  • 400 से ज्यादा कचरा गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी।

  • शुक्रवार से जलप्रदाय बंद करने की चेतावनी।

Bhopal Safai Karmchari Strike : मध्यप्रदेश में सफाईकर्मियों की हड़ताल अब बड़े आंदोलन का रूप लेती जा रही है। राजधानी भोपाल में सफाईकर्मियों के समर्थन में नगर निगम के करीब 13 हजार अन्य कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। इससे राजधानी में सफाई व्यवस्था के साथ जलप्रदाय और दूसरे जरूरी कामकाज पर भी संकट खड़ा हो गया है।

कर्मचारियों ने शुक्रवार से पानी की सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी है। इधर, लगातार दूसरे दिन कचरा नहीं उठने से सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं।

10,500 से 25 हजार रुपए वेतन करने समेत चार मांगें

प्रदेशभर के सफाईकर्मी वेतन बढ़ाने, अनुकंपा नियुक्ति, नियमितीकरण और ठेका प्रथा खत्म करने समेत चार मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों की मांग है कि उनका वेतन 10,500 रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया जाए। इसके अलावा सेवा से जुड़े दूसरे मुद्दों का भी समाधान किया जाए। भोपाल में दो दिन से जारी हड़ताल शुक्रवार को और व्यापक होने के संकेत हैं।

भोपाल में 13 हजार कर्मचारी हड़ताल पर

अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, भोपाल में करीब 7 हजार सफाईकर्मी हैं। इनके अलावा 6 हजार कंप्यूटर ऑपरेटर, बाबू, जलप्रदाय, फायर, बिल्डिंग परमिशन, अतिक्रमण, विद्युत, यांत्रिकी, उद्यान और योजना प्रकोष्ठ के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हैं। गुरुवार से शुरू हुई हड़ताल का असर नगर निगम मुख्यालय, सभी 85 वार्ड और 21 जोन के कामकाज पर पड़ रहा है।

400 से ज्यादा कचरा गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी

सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण घरों से कचरा उठाने वाली 400 से ज्यादा गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। सामान्य दिनों में प्रत्येक गाड़ी दो से तीन चक्कर लगाती है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों से कचरा कैप्सूल टैंकरों के जरिए आदमपुर छावनी पहुंचाया जाता है। भोपाल से रोजाना करीब 850 टन कचरा निकलता है। उठाव बंद होने से अब यह कचरा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा होने लगा है।

2.30 लाख नल कनेक्शन पर जल संकट का खतरा

सफाई व्यवस्था के बाद अब पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारियों ने शुक्रवार से जलप्रदाय का काम भी बंद करने की चेतावनी दी है। भोपाल में 2.30 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन हैं। ऐसे में जलप्रदाय कर्मचारियों की हड़ताल में शामिल होने से बड़ी आबादी प्रभावित हो सकती है।

अटल भवन में ताला, बिजली सप्लाई भी बंद की

हड़ताल का असर भोपाल नगर निगम मुख्यालय स्थित अटल भवन में भी दिखाई दिया। गुरुवार को कर्मचारी नेता ने भवन की बिजली सप्लाई बंद कर दी और वहां ताला लगा दिया। इससे निगम मुख्यालय का कामकाज ठप हो गया। यूनियन अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद ही हड़ताल को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा।

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