Highlights:
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने कराया क्राइम सीन रीक्रिएशन।
आरोपी वरुण वाल्मीकि ने बेडरूम में समझाया हत्या का तरीका।
20 लाख रुपए लूटने की उम्मीद में केयरटेकर की नौकरी की थी।
चार राज्यों में भागने के बाद आगरा से हुई गिरफ्तारी।
Bhopal Retired IAS Rakesh Agrawal Murder : भोपाल के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने गुरुवार को घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएशन कराया। हमीदिया अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपी केयरटेकर वरुण वाल्मीकि को पुलिस सीधे अधिकारी के बंगले पर लेकर पहुंची। यहां उसने बेडरूम में ले जाकर पुलिस को हत्या का तरीका समझाया।
आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया ब्लेड भी बरामद कर लिया गया। इस दौरान पूछताछ में आरोपी ने लूट की योजना से लेकर हत्या की वजह तक कई बातें बताई हैं।
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद वरुण भोपाल से फरार हो गया था। वह 1 अक्टूबर की सुबह 4:12 बजे केरल एक्सप्रेस में सवार होकर निकला। पुलिस ने उसकी तलाश में चार राज्यों में अभियान चलाया और सोमवार को आगरा से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मंगलवार सुबह उसने पुलिस से झूमाझटकी कर भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने सुबह करीब 5 बजे शॉर्ट एनकाउंटर किया, जिसमें उसके पैर में गोली लगी।
पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान वरुण लगातार शहर और ठिकाने बदलता रहा। ग्वालियर से आगरा, मथुरा और वृंदावन होते हुए दिल्ली पहुंचा। इसके बाद हरिद्वार, ऋषिकेश, नैनीताल और मनाली तक गया। सफर के लिए उसने बस, ट्रेन और ट्रकों का सहारा लिया। ठहरने के लिए उसके पास कोई स्थायी जगह नहीं थी। वह फुटपाथ पर सोता और कबाड़ व प्लास्टिक की बोतलें बीनकर बेचता था। पुलिस के अनुसार, वह किसी भी स्थान पर एक-दो दिन से ज्यादा नहीं रुकता था।
जांच में सामने आया कि वरुण की नजर राकेश अग्रवाल के बंगले पर लगी नेम प्लेट पर पड़ी थी। रिटायर्ड IAS अधिकारी का नाम देखकर उसे घर में बड़ी रकम मिलने की उम्मीद हुई। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 10 से 20 लाख रुपए लूटने के इरादे से वहां केयरटेकर की नौकरी करने पहुंचा था। हत्या के बाद वह अलमारी से 1200 अमेरिकी डॉलर लेकर भागा था।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि राकेश अग्रवाल उसे छोटी-छोटी बातों पर डांटते और गालियां देते थे। वारदात वाली रात भी दवाई देने में देरी को लेकर विवाद हुआ। रात करीब 12 बजे राकेश अग्रवाल ने उसे वहां से चले जाने के लिए कहा। आरोपी के मुताबिक, 'तू यहां क्या करने आया है? तेरी यहां जरूरत नहीं, दफा हो।' यह बात उसे बुरी लगी।
भोपाल पुलिस पूछताछ में वरुण ने बताया कि डांट पड़ने के करीब दो घंटे बाद उसने हत्या कर दी। उसने धारदार हथियार से राकेश अग्रवाल का गला रेत दिया। पुलिस अब आरोपी के बयानों और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर वारदात की कड़ियों को जोड़ रही है।