Bhopal Rent A Garba Partner : भोपाल में नवरात्रि के बीच सोशल मीडिया पर चल रहे ‘Rent A Garba Partner’ ट्रेंड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर गरबा और डांडिया कार्यक्रमों के लिए पार्टनर उपलब्ध कराने के दावे करने वाली पोस्ट और विज्ञापन सामने आने के बाद श्री हिंदू उत्सव समिति एवं संस्कृति बचाओ मंच ने इसका विरोध किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने भोपाल पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर मामले की जांच और संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा है।
सोशल मीडिया पर ‘Rent A Garba Partner’ के नाम से कई पोस्ट और विज्ञापन सामने आए हैं। इनमें गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में साथ जाने के लिए पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। कुछ पोस्ट में अलग-अलग पैकेज और कीमतों का भी उल्लेख है। वायरल जानकारी के मुताबिक, कुछ पैकेज की कीमत करीब 1 हजार रुपए से लेकर 6500 रुपए तक बताई जा रही है। हालांकि, इन पोस्ट में किए गए दावों और इनके पीछे सक्रिय संस्था या व्यक्तियों की गतिविधियों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामले को लेकर श्री हिंदू उत्सव समिति एवं संस्कृति बचाओ मंच के पदाधिकारी अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नर से मिले। संगठन ने सोशल मीडिया पर गरबा पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा करने वाली संस्था के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की। संगठन का कहना है कि नवरात्रि के दौरान इस तरह की गतिविधियों को लेकर पुलिस को सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की वास्तविकता की जांच करनी चाहिए।
समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि गरबा केवल मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि मां की आराधना और आस्था से जुड़ा पर्व है। उन्होंने कहा कि गरबा की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को दूषित करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सोशल मीडिया पर चल रहे ‘Rent A Garba Partner’ से जुड़े दावों की जांच करने की मांग की है।
चंद्रशेखर तिवारी ने माता-पिता से भी अपील की कि वे बच्चों को गरबा या डांडिया कार्यक्रम में भेजने से पहले आयोजकों और उनके साथ जाने वाले लोगों की जानकारी जरूर लें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए किसी अनजान व्यक्ति या संस्था के संपर्क में आने से पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। किसी भी सेवा के लिए भुगतान या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले भी पूरी जानकारी हासिल करने की अपील की गई।
इस मामले में यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि ‘Rent A Garba Partner’ नाम से सामने आ रहे पोस्ट किसी वास्तविक व्यावसायिक सेवा का हिस्सा हैं या सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले प्रमोशनल कंटेंट हैं। यदि कोई संस्था वास्तव में पैसे लेकर गरबा पार्टनर उपलब्ध करा रही है, तो उसकी गतिविधियों, बुकिंग प्रक्रिया और लोगों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। वहीं, यदि ये केवल सोशल मीडिया पोस्ट हैं, तो इनके जरिए किसी तरह की धोखाधड़ी या व्यक्तिगत जानकारी जुटाने की कोशिश तो नहीं हो रही, इसकी भी जांच की जरूरत है।
नवरात्रि के दौरान भोपाल में बड़ी संख्या में गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे में सोशल मीडिया पर सामने आए इस ट्रेंड ने सुरक्षा और निगरानी से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस कमिश्नर को दिए गए ज्ञापन के बाद पुलिस सोशल मीडिया पोस्ट और उनसे जुड़े दावों की किस तरह जांच करती है, इस पर नजर रहेगी।