Highlights :
भोपाल में धनतेरस पर करीब 1000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान।
सोना चांदी के बाजार में 200 से 250 करोड़ रुपये की बिक्री।
करीब 500 कारें और 2000 दोपहिया वाहन बिकने का अनुमान।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में 120 से 140 करोड़ रुपये का कारोबार।
इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में 40 से 45 करोड़ रुपये की बिक्री।
बर्तन, क्रॉकरी, सजावटी सामान और मिठाइयों की भी अच्छी मांग।
Bhopal Dhanteras Business : इस बार धनतेरस पर भोपाल के बाजारों में जबरदस्त व्यापारिक रौनक देखने को मिली। व्यापारिक संगठनों के अनुमान के अनुसार, शहर भर में विभिन्न क्षेत्रों को मिलाकर कुल व्यापार 1000 करोड़ रुपए के आंकड़े तक पहुंच गया। सोने चांदी के दामों में उतार चढ़ाव और सामान्य महंगाई के बावजूद ग्राहकों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई और देर रात तक बाजारों में खरीदारों की आवाजाही बनी रही।
त्योहार पर सबसे ज्यादा खरीदारी सराफा और ऑटोमोबाइल बाजार में दर्ज की गई, आभूषणों, सोने चांदी के सिक्कों और मूर्तियों की भारी मांग रही, जिससे करीब 200 से 250 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।
शहर में अनुमानित 500 चार पहिया (कारें) और 2000 दोपहिया वाहन बिके। इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति भी ग्राहकों में खासा क्रेज देखा गया। इस सेक्टर में कुल 120 से 140 करोड़ रुपए का व्यापार हुआ।
टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मोबाइल और कंप्यूटर जैसे आधुनिक व स्मार्ट उपकरणों की बिक्री से करीब 40 से 45 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ।
धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा के चलते स्टील, पीतल और तांबे के बर्तनों का कारोबार 10 से 20 करोड़ रुपए रहा। वहीं क्रॉकरी और गिफ्ट आइटम में 3 से 5 करोड़ रुपए की बिक्री दर्ज की गई।
तोरण, आर्टिफिशियल फूल और सजावटी सामान का कारोबार 20 से 25 करोड़ रुपए तक पहुँचा, जबकि झालरों व लाइटिंग का बाजार 5 से 7 करोड़ रुपए रहा।
पारंपरिक मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स पैक और गिफ्ट हैंपर्स की बिक्री 10 से 15 करोड़ रुपए के आसपास रही।
राजधानी भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री एवं कैट के पूर्व प्रवक्ता विवेक साहू के अनुसार इस बार बाजारों में केवल परंपरागत वस्तुएं ही नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली और कृषि से जुड़े उपकरणों की भी अच्छी मांग रही। ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, फर्नीचर, रेडीमेड कपड़े, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स, खाद्य तेल और किराना बाजार में भी शानदार ग्राहकी देखने को मिली। इन सभी अन्य सेक्टरों के योगदान से भोपाल का कुल धनतेरस व्यापार 1000 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को छू गया।