Highlights :
भोपाल में तीन दिन से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म।
सीएम मोहन यादव से 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात।
25 दिवसीय कर्मचारियों के विनियमितीकरण की प्रक्रिया होगी शुरू।
वेतन बढ़कर 18 से 20 हजार रुपये होने की उम्मीद।
MP sanitation workers strike ends : राजधानी भोपाल के नगरीय निकायों में पिछले तीन दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को खत्म हो गई। मुख्यमंत्री मोहन यादव से कर्मचारी संगठनों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद हड़ताल समाप्त करने का ऐलान किया गया। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच 10 में से 8 मांगों पर सहमति बनने का दावा किया गया है। इसके बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटकर शहरों में सफाई व्यवस्था बहाल करने का फैसला लिया।
शुक्रवार को सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान सफाई कर्मचारियों के कल्याण उनकी सेवा शर्तों और लंबित मांगों को लेकर चर्चा हुई। बातचीत के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल खत्म करने और काम पर लौटने की घोषणा की।
बैठक में कर्मचारियों के विनियमितीकरण और स्थायीकरण को लेकर महत्वपूर्ण सहमति बनने की बात सामने आई है। सरकार 25 दिवसीय सफाई कर्मचारियों को विनियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल करेगी। इससे उनका वेतन बढ़कर करीब 18 से 20 हजार रुपये होने की उम्मीद है। वहीं 29 दिवसीय और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इसके लिए एक महीने में कार्रवाई पूरी करने का आश्वासन दिया गया है।
3 दिनों की हड़ताल के कारण राजधानी भोपाल में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। शहर में करीब 3 हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा जमा हो गया था। हड़ताल खत्म होने के बाद नगर निगम प्रशासन ने राहत की सांस ली है। त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अतिरिक्त वाहन और कर्मचारियों को मैदान में उतारा गया है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले महापौर मालती राय ने कहा था कि कर्मचारी संगठनों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई है और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी प्रतिनिधिमंडल को मुलाकात के लिए समय दिया है। उन्होंने भरोसा जताया था कि कर्मचारी भोपाल की सफाई के लिए तैयार हैं। नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि सभी एसआई, सीएसआई और एएचओ को फील्ड में भेज दिया गया है। अतिरिक्त वाहनों और मैनपावर की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि जल्द से जल्द शहर को स्वच्छ बनाया जा सके।
तीन दिनों तक चले आंदोलन के बाद सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से हड़ताल खत्म हो गई है। हालांकि, कर्मचारियों की सभी 10 मांगों पर सहमति नहीं बनी है। फिलहाल 8 मांगों पर सहमति बनने का दावा किया गया है। अब देखना होगा कि सरकार तय समयसीमा में विनियमितीकरण और स्थायीकरण की प्रक्रिया को कितना आगे बढ़ाती है।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक भोपाल में करीब 7 हजार सफाईकर्मी हैं। इनके अलावा 6 हजार कंप्यूटर ऑपरेटर, बाबू, जलप्रदाय, फायर, बिल्डिंग परमिशन, अतिक्रमण, विद्युत, यांत्रिकी, उद्यान और योजना प्रकोष्ठ के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हैं। गुरुवार से शुरू हुई हड़ताल का असर नगर निगम मुख्यालय, सभी 85 वार्ड और 21 जोन के कामकाज पर पड़ रहा था ।