Rani Kamalapati Station Urinal Charges: देश के विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशनों में शुमार भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (आरकेएमपी) पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जेब ढीली करनी पड़ रही है। स्टेशन पर बनी 'पे एंड यूज' व्यवस्था के तहत यात्रियों से यूरिनल के लिए ₹5, टॉयलेट के लिए ₹10 और स्नान (बाथ) के लिए ₹15 का शुल्क लिया जा रहा है।
आमतौर पर भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर यूरिनल की सुविधा यात्रियों के लिए नि:शुल्क होती है। स्वयं भोपाल के मुख्य रेलवे स्टेशन के 'पे एंड यूज' टॉयलेट्स में भी यूरिनल के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। लेकिन आरकेएमपी में संचालित ऐसे 5 'पे एंड यूज' टॉयलेट में रोजाना 2,500 से अधिक यात्रियों से यूरिनल के नाम पर पैसे वसूले जा रहे हैं।
स्टेशन का उपयोग करने वाले यात्रियों का कहना है कि वे रेल यात्रा के लिए रेलवे को पूरा किराया चुकाते हैं। ऐसे में यूरिनल जैसी अत्यंत मूलभूत और प्राथमिक सुविधा के लिए अलग से ₹5 लेना आम यात्रियों पर बेवजह का आर्थिक बोझ डालना है। यात्रियों ने आरोप लगाया कि पैसे वसूले जाने के बावजूद कई बार शौचालयों में भयंकर गंदगी और बदबू की स्थिति बनी रहती है। यात्रियों का कहना है कि राजधानी भोपाल का प्रशासन को केवल शुल्क वसूलने पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि नियमित और गुणवत्तापूर्ण सफाई व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
इस मामले पर रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रानी कमलापति स्टेशन का टेंडर भोपाल रेल मंडल ने नहीं, बल्कि रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरएलडीए) ने जारी किया है। रेलवे बोर्ड ने स्टेशन विकास योजनाओं के तहत कई प्रमुख स्टेशनों को आरएलडीए के सुपुर्द किया है।
डेवलपर का निवेश आरएलडीए मॉडल के तहत डेवलपर स्टेशन निर्माण और विकास कार्यों में निवेश करता है। निवेश की भरपाई और राजस्व अर्जित करने के लिए डेवलपर को एक निश्चित अवधि तक स्टेशन पर व्यावसायिक गतिविधियां (कमर्शियल कैटरिंग, विज्ञापन, पार्किंग और पे एंड यूज) संचालित करने के अधिकार दिए जाते हैं।
रानी कमलापति स्टेशन के विकास में बंसल समूह ने निवेश किया है, इसलिए कमर्शियल अधिकार उसी के पास हैं। पे एंड यूज टॉयलेट की दरें आरएलडीए की स्वीकृत शर्तों के तहत ही तय की गई हैं। टेंडर और नियम आरएलडीए के होने के कारण इस मामले में भोपाल रेल मंडल का सीधा हस्तक्षेप या भूमिका काफी सीमित है। रेल मंडल मुख्य रूप से ट्रेन संचालन और टिकट बुकिंग जैसी व्यवस्थाओं के लिए ही जिम्मेदार।