

Bhopal Kisan Andolan Update: मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद और खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था खत्म करने जैसी मांगों को लेकर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन बेहद उग्र रूप ले चुका है। भारी पुलिस व्यवस्था और जगह-जगह की गई बैरिकेडिंग को दरकिनार करते हुए उग्र प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स उखाड़ फेंके और बसों पर चढ़कर जमकर हंगामा किया।
धरना स्थल से आगे बढ़ते हुए आंदोलित किसानों का जत्था पुलिस की तमाम कोशिशों को नाकाम कर रानी कमलापति स्टेशन की ओर कूच कर गया। सुरक्षा बलों द्वारा स्थिति को संभालने के लिए भारी मशक्कत की जा रही है, जबकि शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
गौरतलब है कि, भोपाल में जारी किसान आंदोलन में प्रदर्शनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान राजधानी पहुंच रहे हैं। आंदोलन में शामिल किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। जानकारी के अनुसार, धरना स्थल पर अब तक करीब 8 हजार किसान जुट चुके हैं। इनमें से बड़ी संख्या में किसान धरना स्थल से आगे बढ़ते हुए रेलवे स्टेशन की ओर भी कूच कर चुके हैं, जिससे क्षेत्र में हलचल और सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना के साथ लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर को किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह समिति किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी मांगों पर सरकार का पक्ष रखेगी और समाधान का रास्ता तलाशेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने मंत्रियों की एक समिति गठित की है। यह समिति किसान प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी मांगों और सुझावों पर चर्चा करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों का स्वागत करती है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने अपील की कि आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए।
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