Highlights :
भोपाल विधायक विश्रामगृह के कमरे में युवक युवती मिलने का मामला।
कमरा कांग्रेस विधायक दिनेश जैन के नाम आवंटित था।
हटाए गए केयरटेकर राजकुमार ने पुलिस को दिया नया बयान ।
दावा: विधायक का पीए बताने वाले व्यक्ति ने फोन कर चाबी मांगी थी।
Bhopal MLA rest house room case update : भोपाल विधायक विश्रामगृह में कांग्रेस विधायक दिनेश जैन के नाम आवंटित कमरे में युवक युवती के मिलने का मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। मामले में हटाए गए केयरटेकर राजकुमार ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया है कि उसने अपनी मर्जी से कमरे की चाबी नहीं दी थी बल्कि उसे विधायक का पीए बताने वाले एक व्यक्ति का फोन आया था।
केयरटेकर राजकुमार के मुताबिक फोन करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर टीआई के लिए आधे घंटे तक कमरा उपलब्ध कराने को कहा था। इसके बाद उसने जल्दबाजी में कांग्रेस विधायक दिनेश जैन के नाम आवंटित कमरे की चाबी सौंप दी। राजकुमार का कहना है कि उसने फोन पर मिली जानकारी के आधार पर ही चाबी दी थी। हालांकि फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान और उसकी वास्तविक भूमिका को लेकर अभी सवाल बने हुए हैं।
महिदपुर से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन 'बॉस' को आवंटित कमरों में पुलिस की वर्दी पहने एक युवक और युवती आपत्तिजनक हालत में मिले। जब विधायक अचानक कमरे में पहुंचे तो दोनों को देखकर हैरान रह गए। पकड़े जाने पर दोनों माफी मांगने लगे और मौका मिलते ही वहां से भाग निकले। विधायक की शिकायत के बाद विधानसभा सचिवालय के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विधायक दिनेश जैन का कहना है कि जब वो भोपाल शहर से बाहर रहते हैं तब उनके कमरों की चाबियां मुख्य काउंटर पर केयरटेकर के पास जमा रहती हैं। साफ सफाई और अन्य जरूरी कामों के लिए कर्मचारियों को कमरों तक पहुंच दी जाती है। विधायक ने आशंका जताई कि इस व्यवस्था का दुरुपयोग कर कोई भी बाहरी व्यक्ति कमरों में प्रवेश कर सकता है और वहां रुककर किसी अपराध या साजिश को भी अंजाम दे सकता है।
इस मामले में अब जांच का दायरा फोन कॉल और कमरे की चाबी सौंपने की परिस्थितियों तक पहुंच गया है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि विधायक का पीए बताकर फोन किसने किया था? क्या फोन करने वाला व्यक्ति वास्तव में विधायक के कार्यालय से जुड़ा था या उसने किसी अन्य पहचान का इस्तेमाल किया था?