Atif Aqeel Objects To Bhopal Metro Underground Route: भोपाल में मेट्रो के ऑरेंज लाइन के फेज-2 के रूट को लेकर विवाद गहरा गया है। भोपाल टॉकीज के पास स्थित शाही कब्रिस्तान से मेट्रो का अंडरग्राउंड रूट निकालने के प्रस्ताव पर उत्तर से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कड़ी आपत्ति जताई है।
सोमवार देर रात जब मेट्रो कॉरपोरेशन की टीम भारी मशीनों और सामान के साथ शाही कब्रिस्तान के पास पहुंची और बैरिकेड्स लगाने शुरू किए, तो विधायक का पारा चढ़ गया और वे समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए।
मौके पर पहुंचकर विधायक आतिफ अकील ने मेट्रो और पुलिस अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, "चलो बाहर निकलो, वरना मैं बदतमीजी करने लगूंगा।" उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी वैधानिक अनुमति या शाही औकाफ की परमिशन के यह काम किया जा रहा है और पुलिस प्रशासन सामने खड़े होकर कब्जा करवा रहा है। विधायक ने तुरंत सभी मशीनों और सामान को मौके से हटाने की मांग की।
विधायक अकील का कहना है कि इस कब्रिस्तान में उनके पूर्वज (बाप-दादा) दफन हैं और यहां कई कब्रें मौजूद हैं। उनकी मांग है कि कब्रिस्तान की पवित्रता और भावनाओं को देखते हुए मेट्रो का रूट यहाँ से कतई न गुजारा जाए। इस संबंध में वे पहले भी कई बार आपत्ति जता चुके हैं और फिलहाल यह मामला मध्य प्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में भी विचाराधीन है, जहां दोनों पक्ष अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं।
राजधानी भोपाल में ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर (सुभाषनगर से एम्स) के बाद अब दूसरे फेज यानी सुभाषनगर से करोंद तक तेजी से काम चल रहा है। इस दूसरे फेज की कुल लंबाई 16.74 किमी है, जिसमें से 8.77 किमी पर काम होना है।
एलिवेटेड रूट: 5.38 किमी का हिस्सा एलिवेटेड होगा, जिस पर 650 करोड़ रुपये की लागत से 6 स्टेशन (पुल बोगदा, ऐशबाग, सिंधी कॉलोनी, डीआईजी बंगला, कृषि उपज मंडी और करोंद चौराहा) बनेंगे।
अंडरग्राउंड रूट: शेष 3.39 किमी का रूट अंडरग्राउंड होगा, जिसमें भोपाल रेलवे स्टेशन और नादरा बस स्टैंड जैसे 2 महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इस पूरे अंडरग्राउंड कार्य पर 890 करोड़ रुपए खर्च होने हैं, जिस पर अब कब्रिस्तान वाले हिस्से को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।