भोपाल ISBT में धमाके के बाद भीषण आग, वर्मा ट्रेवल्स की 8 बसें जलकर प्रभावित।
दमकल की 10 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू, कोई हताहत नहीं।
आग के कारण दक्षिण भारत जाने वाली बसों समेत कई ट्रिप रद्द करनी पड़ीं।
शॉर्ट सर्किट, बस में खाना बनाने और साजिश समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच।
ISBT की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
Bhopal ISBT Fire Burns Eight Buses: भोपाल के इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) में रविवार शाम अचानक हुए धमाके और उसके बाद लगी भीषण आग ने बसों की आवाजाही के बीच अफरा-तफरी मचा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि वर्मा ट्रेवल्स की आठ बसें इसकी चपेट में आ गईं। आसमान में उठती आग की लपटों और धुएं के गुबार को देखकर परिसर में मौजूद लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। दमकल की 10 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया।
राहत की बात यह रही कि प्रभावित बसें खाली थीं और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, घटना के बाद आग लगने की वजह और संभावित साजिश को लेकर जांच शुरू हो गई है।
प्रत्यक्ष घटनाक्रम के मुताबिक, राजधानी भोपाल के आईएसबीटी परिसर में खड़ी एक बस के भीतर धमाके के साथ आग लगी। देखते ही देखते लपटों ने आसपास खड़ी दूसरी बसों को भी अपनी चपेट में ले लिया। रविवार शाम बसों की आवाजाही के बीच हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई। पुलिस और प्रशासन ने आसपास का इलाका खाली कराया और सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की। दमकलकर्मियों को आग बुझाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आग की घटना का असर बस संचालन पर भी पड़ा। दक्षिण भारत जाने वाली बसों समेत प्रभावित रूटों की कई ट्रिप रद्द करनी पड़ीं। हालांकि, बसों में यात्री मौजूद नहीं होने से बड़ा नुकसान टल गया। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि आग से बसों को कितना आर्थिक नुकसान हुआ और प्रभावित सेवाएं कब तक सामान्य होंगी।
आग लगने के पीछे कई संभावित वजहों की चर्चा है। शुरुआती आशंका इलेक्ट्रिक सिस्टम में शॉर्ट सर्किट से धमाका होने की है। परिसर में बस के भीतर खाना बनाए जाने के दौरान घटना होने की चर्चा भी सामने आई है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बस स्टाफ ने शुरुआत में कुछ लोगों से विवाद की बात कही और पुलिस को तस्वीरें दिखाने की जानकारी दी। बाद में बयान बदलने की बात भी सामने आई। हालांकि इन पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस ने कहा है कि हादसे और साजिश समेत सभी संभावनाओं की जांच की जाएगी। एफएसएल जांच से आग के कारणों का पता लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
घटना के बाद आईएसबीटी परिसर में आग बुझाने के इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि परिसर में पर्याप्त अग्निशमन संसाधन और पानी की पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश तोमर के मुताबिक, आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और बीमा संबंधी पहलू की भी जांच की जाएगी। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि यह तकनीकी खराबी से हुआ हादसा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी।