Kisan Andolan Update: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के दूसरे दिन राजधानी के नए भोपाल क्षेत्र में होशंगाबाद रोड से लेकर मिसरोद तक का इलाका पूरी तरह प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में किसान सड़क पर डटे रहे, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
प्रदर्शनकारी किसानों ने अपनी विभिन्न मांगें राज्य सरकार के सामने रखी हैं और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सीधे बातचीत की मांग कर रहे हैं। किसानों का आरोप है कि अब तक उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने का अवसर नहीं दिया गया है। इसी बीच, प्रदर्शन के दौरान कुछ किसानों ने आगे बढ़ने की कोशिश की। पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के पास पहुंचकर कई प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिसके बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस और प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसान आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार ने मंत्रियों की एक समिति गठित की है। यह समिति किसान प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी मांगों और सुझावों पर चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों का स्वागत करती है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने अपील की कि आंदोलन के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए।
बता दें कि, आज किसानों ने कई बार बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की। साथ ही कई प्रदर्शनकारी रास्ता रोकने के लिए रखी बसों पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आंदोलन का माहौल देखकर यह साफ नजर आ रहा था कि किसानों का गुस्सा सरकार के लिए सांतवे आसमान पर है।
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बता दें कि किसानों की मुख्य मांगे हैं- मूंग की 100 फीसदी सरकारी खरीदी, फसलों के उचित दाम और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर हजारों किसान सड़कों पर उतर आए। गौरतलब है कि, संयुक्त किसान मोर्चा की ‘किसान क्रांति पैदल यात्रा’ कल जैसे ही भोपाल पहुंची, किसानों और पुलिस के बीच कई जगह टकराव की स्थिति बनी। किसानों ने एक के बाद एक बैरिकेडिंग तोड़ते हुए राजधानी में प्रवेश किया और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की कोशिश की। आंदोलन में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ बड़ी संख्या में किसानों की मौजूदगी ने प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी।
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