Bhopal Bharat Talkies Waterlogging: राजधानी भोपाल में बीते 24 घंटे से भी कम समय में हुई तेज बारिश ने नगर निगम और स्कूल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारत टॉकीज चौराहे के पास स्थित एक स्कूल परिसर में करीब डेढ़ फीट से ज्यादा पानी भर गया है। खास बात यह है कि सोमवार को इसी स्कूल में 100 से ज्यादा अभ्यर्थी भर्ती परीक्षा देने पहुंचे हैं।
भारी बारिश के बाद स्कूल परिसर पूरी तरह जलमग्न नजर आया। परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को पानी के बीच से होकर स्कूल तक पहुंचना पड़ा। जलभराव के कारण अभ्यर्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के बीच परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में अभ्यर्थियों के कपड़े भीगने और स्वास्थ्य प्रभावित होने की आशंका भी बनी रही। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्र परिसर में इस तरह का जलभराव व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्कूल परिसर में लंबे समय तक पानी भरे रहने से सुरक्षा का खतरा भी बढ़ गया है। जलभराव वाले पानी में जलीय जीव-जंतुओं और कीड़े-मकौड़ों के आने की आशंका बनी हुई है।
वहीं, पानी निकालने के लिए मोटर और बिजली के कनेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में बिजली के करंट से होने वाली दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। परीक्षा केंद्र पर मौजूद अभ्यर्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। जलभराव की सूचना के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और पानी निकालने के लिए मोटर लगाई गई। फिलहाल परिसर से पानी निकालने का काम किया जा रहा है।
हालांकि, तत्काल राहत के साथ-साथ इस इलाके में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत है। सवाल यह भी है कि जब परीक्षा केंद्र में पहले से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का पहुंचना तय था, तो बारिश के दौरान सुरक्षा और जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था पहले से क्यों नहीं की गई?
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भारत टॉकीज जैसे व्यस्त इलाके के पास स्थित स्कूल परिसर में एक दिन की बारिश में डेढ़ फीट से ज्यादा पानी भर जाना जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। बारिश के मौसम में यहां दोबारा ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्कूल प्रशासन और नगर निगम को स्थायी जलनिकासी व्यवस्था पर ध्यान देना होगा। फिलहाल नगर निगम की टीम पानी निकालने में जुटी है। लेकिन इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि बारिश के दौरान परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की तैयारियां कितनी पुख्ता हैं।