Bhopal Airport Taxi Strike: भोपाल एयरपोर्ट पर ऑनलाइन टैक्सी सेवाओं से जुड़े चालकों द्वारा प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी गई है। 23 से 25 जून तक प्रस्तावित इस आंदोलन के दौरान टैक्सी चालक ऑनलाइन बुकिंग स्वीकार नहीं करने वाले थे, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। हालांकि प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बाद यूनियन ने फिलहाल अपना कार्यक्रम टाल दिया है।
भोपाल टैक्सी चालक संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट क्षेत्र के पास शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई थी। लेकिन आगामी दिनों में शहर में प्रस्तावित वीवीआईपी मूवमेंट और सुरक्षा व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए प्रशासन एवं स्थानीय पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद संगठन ने हड़ताल को स्थगित करने का निर्णय लिया।
संघ का कहना है कि उनका आंदोलन एग्रीगेटर कंपनियों की कथित मनमानी और किराया निर्धारण से जुड़ी समस्याओं को लेकर है। टैक्सी चालकों का आरोप है कि कंपनियां सरकार द्वारा तय किराया दरों का पालन नहीं कर रही हैं और ड्राइवरों को निर्धारित राशि से कम भुगतान किया जा रहा है। इससे उनकी आय प्रभावित हो रही है और रोजमर्रा के खर्च निकालना मुश्किल होता जा रहा है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वे कानूनी और संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी मांगों को उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि अनुमति नहीं मिलने के कारण फिलहाल आंदोलन टाला गया है, लेकिन जल्द ही दोबारा अनुमति लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने भविष्य में और उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है। टैक्सी चालक संघ के अनुसार इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा चुका है। फरवरी और जून माह में सांकेतिक धरना देकर ज्ञापन सौंपे गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
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गौरतलब है कि भोपाल एयरपोर्ट पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, रायपुर और अहमदाबाद सहित कई प्रमुख शहरों के लिए नियमित उड़ानें संचालित होती हैं। ऐसे में यदि भविष्य में टैक्सी चालकों की हड़ताल होती है तो इसका सीधा असर यात्रियों और एयरपोर्ट से जुड़ी परिवहन सेवाओं पर पड़ सकता है। फिलहाल हड़ताल टलने से यात्रियों को राहत मिली है, लेकिन टैक्सी चालकों और एग्रीगेटर कंपनियों के बीच जारी विवाद अभी भी बरकरार है।