29 साल का गैंगस्टर, अमेरिका में केस और गिरफ्तारी वारंट...कौन है FBI के निशाने पर आया पंजाब का मेजर सिंह?

Who is Major Singh: पंजाब से जुड़े गैंगस्टर मेजर सिंह को FBI ने वांटेड लिस्ट में शामिल किया है। उस पर जग्गू भगवानपुरिया गैंग के साथ अमेरिका में हथियार और ड्रग्स तस्करी की साजिश का आरोप है।
FBI Wanted List Major Singh
मेजर सिंहAI Image
Updated on

FBI Wanted List Major Singh: भारत के पंजाब से निकला एक आपराधिक नेटवर्क अब अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई के निशाने पर आ गया है। इस गैंग से जुड़े 29 वर्षीय गैंगस्टर मेजर सिंह को एफबीआई ने अपनी वांटेड लिस्ट में शामिल किया है। अमेरिकी एजेंसी का कहना है कि मेजर सिंह पर जग्गू भगवानपुरिया गैंग के साथ मिलकर अमेरिका में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। मेजर सिंह के खिलाफ 25 जून 2026 को फेडरल गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुआ था।

पंजाब से अमेरिका तक फैला नेटवर्क? 

एफबीआई की मानें तो जग्गू भगवानपुरिया गैंग की शुरुआत पंजाब में हुई और बाद में इसका नेटवर्क अमेरिका के कैलिफोर्निया और अन्य जगहों तक पहुंच गया। अमेरिकी जांच में खुलासा हुआ कि यह संगठन बिना लाइसेंस हथियारों के कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी साजिशों में शामिल है। एफबीआई के अनुसार, मेजर सिंह इसी अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठन की गतिविधियों में कथित तौर पर शामिल रहा है।

मेजर सिंह पर क्या आरोप लगे हैं?

बता दें कि मेजर सिंह के खिलाफ कैलिफोर्निया के केंद्रीय जिले की संघीय अदालत में केस दर्ज है। मेजर सिंह पर संगठित अपराध से जुड़े कानून का उल्लंघन करने की साजिश और बिना लाइसेंस हथियारों के कारोबार में शामिल होने की साजिश तक के आरोप हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि ये आरोप हैं और अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं। मेजर सिंह का गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद अमेरिकी एजेंसी अब उसकी तलाश कर रही है।

FBI Wanted List Major Singh
बहादुरगढ़ में पुलिस मुठभेड़: लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 2 शूटर ढेर, हांसी जिम ट्रेनर हत्या मामले में बड़ी कार्रवाई

मेजर सिंह का हुलिया

एफबीआई के मुताबिक, मेजर सिंह का जन्म 20 जुलाई 1997 को हुआ है और वह एक भारतीय है। मेजर सिंह की लंबाई करीब 5 फुट 8 इंच और वजन लगभग 182 पाउंड के करीब बताया गया है। उसके बाल और आंखें काले हैं।

मेजर सिंह की एक तस्वीर भी एफबीआई ने जारी की है। एजेंसी ने लोगों से कहा है कि अगर उसके बारे में कोई जानकारी हो तो स्थानीय एफबीआई कार्यालय, नजदीकी अमेरिकी दूतावास या फिर वाणिज्य दूतावास को बताया जा सकता है।

Navbharat Live
navbharatlive.com