Aadesh Khamra Serial Murder Case Court Verdict: भोपाल के बहुचर्चित आदेश खामरा सीरियल मर्डर केस से जुड़े ट्रक ड्राइवर और क्लीनर की हत्या के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। नवम अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष शुक्ल की अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुख्य आरोपी आदेश खामरा और उसके साथी जयकरण प्रजापति को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने मामले को महज लूट की वारदात नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या माना। इस फैसले के साथ करीब आठ साल पुराने मामले में पीड़ित परिवारों को न्याय मिला है।
मामला जून 2018 का है। अशोका गार्डन थाना क्षेत्र से ट्रक क्रमांक MP 04 HE 8073 गायब हो गया था। ट्रक के साथ उसके ड्राइवर राजेश पंवार और क्लीनर नूर खां भी लापता हो गए थे। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो मामले में आदेश खामरा गैंग की भूमिका सामने आई। जांच में पता चला कि गैंग ट्रकों को लूटकर उन्हें बेचने का काम करता था। इस वारदात में भी ट्रक लूटने के बाद पकड़े जाने के डर से दोनों की गला घोंटकर हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने दोनों शवों को चंदेरी और मुंगावली के जंगलों में फेंक दिया था। पुलिस को शव सड़ी-गली हालत में मिले थे। मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए जांच कराई गई, जिसके जरिए उनकी पहचान की पुष्टि हुई। अभियोजन पक्ष ने मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों और डीएनए रिपोर्ट को अहम आधार बनाया। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर भोपाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की और मामला अदालत तक पहुंचा।
अदालत ने आदेश खामरा और जयकरण प्रजापति को धारा 302 के तहत दोहरा आजीवन कारावास सुनाया। इसके अलावा विभिन्न धाराओं में दोनों को कुल 18 साल का अतिरिक्त सश्रम कारावास भी दिया गया। वहीं ट्रक खरीदने वाले साहब सिंह उर्फ बलजिन्दर और सुनील खटीक को तीन-तीन साल की सजा सुनाई गई। सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक डॉ. राम कुमार खत्री ने पैरवी की। अभियोजन ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और डीएनए रिपोर्ट को प्रमुख आधार बनाया। आठ साल पुराने इस मामले में फैसला आने के बाद भोपाल पुलिस की जांच और अभियोजन की भूमिका भी चर्चा में है।