बैतूल की ब्रह्मचारिणी प्रखरश्री दीदी ने वैराग्य का रास्ता चुना फोटो सोर्स - सोशल मीडिया
बैतूल

जज बनने की सफलता छोड़ बैतूल की बेटी ने चुनी महावीर की राह, शाही बिनौली में भावुक हुई विदाई

Betul Jain Diksha : बैतूल की ब्रह्मचारिणी प्रखरश्री दीदी ने जज की परीक्षा पास करने के बाद न्यायिक सेवा से पहले वैराग्य का रास्ता चुना। पांच जैन दीक्षार्थी बहनों की भव्य बिनौली निकाली गई।

सुधीर दंडोतिया, शाजेब खान

Highlights :

  • जज की परीक्षा पास करने के बाद बैतूल की बेटी ने चुना वैराग्य का रास्ता।

  • न्यायिक सेवा में जॉइनिंग से पहले ब्रह्मचारिणी प्रखरश्री दीदी लेंगी दीक्षा।

  • पांच जैन दीक्षार्थी बहनों की विंटेज कारों और शाही बग्घियों के साथ निकली बिनौली।

  • उदयपुर के बैंड की धुनों के बीच हुई सांसारिक विदाई।

  • पुष्पवर्षा और महावीर के जयकारों से गूंजा बैतूल।

Betul daughter becomes Jain sadhvi : एमपी के बैतूल में एक ऐसी बेटी की कहानी सामने आई है जिसने अपनी मेहनत और लगन से जज बनने का सपना पूरा किया लेकिन न्यायिक सेवा में जॉइनिंग से पहले ही सांसारिक सुखों का त्याग कर वैराग्य का रास्ता चुन लिया। जज की परीक्षा क्वालीफाई करने वाली ब्रह्मचारिणी प्रखरश्री दीदी अब साध्वी बनने जा रही हैं। उनके इस फैसले ने हर किसी को भावुक कर दिया है।

5 दीक्षार्थी बहनों की निकली भव्य बिनौली

बैतूल में रविवार को 5 जैन दीक्षार्थी बहनों की जैनेश्वरी दीक्षा से पहले भव्य बिनौली निकाली गई। ये आयोजन उनकी सांसारिक जीवन से विदाई का प्रतीक रहा। बिनौली में बैतूल की बेटी ब्रह्मचारिणी प्रखरश्री दीदी के साथ 4 अन्य दीक्षार्थी बहनें भी शामिल रहीं। शहर में निकली इस शोभायात्रा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

विंटेज कारें और शाही बग्घियों ने बढ़ाई आयोजन की भव्यता

दीक्षार्थी बहनों को विदाई देने के लिए परिवार और जैन समाज की ओर से खास इंतजाम किए गए थे। विंटेज कारों का काफिला, सजी धजी शाही बग्घियां और उदयपुर से आए बैंड की धुनों ने बिनौली को यादगार बना दिया। शहर के प्रमुख मार्गों से निकली इस यात्रा में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।

जगह जगह पुष्पवर्षा, महावीर के जयकारों से गूंजा शहर

बिनौली के दौरान जगह जगह पांचों दीक्षार्थी बहनों का पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। पूरा माहौल भगवान महावीर के जयकारों से गूंजता रहा। एक ओर परिवार और परिचित अपनी बेटियों को सांसारिक जीवन से विदा करते हुए भावुक नजर आए तो दूसरी ओर समाज के लोगों ने उनके वैराग्य के फैसले का उत्साह के साथ स्वागत किया।

जज की नौकरी से पहले चुना संयम का रास्ता

इस आयोजन में सबसे ज्यादा चर्चा बैतूल की ब्रह्मचारिणी प्रखरश्री दीदी के फैसले की रही। उन्होंने मेहनत से जज की परीक्षा क्वालीफाई की थी और उनके सामने न्यायिक सेवा में करियर बनाने का अवसर था। हालांकि जॉइनिंग से पहले ही उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग कर जैन साध्वी बनने का निर्णय लिया। परिवार ने भी बेटी के इस फैसले को सम्मान के साथ स्वीकार किया और पूरे उत्साह से उनकी विदाई की तैयारियां कीं।

पांचों बहनें लेंगी जैनेश्वरी दीक्षा

पांचों दीक्षार्थी बहनों की बिनौली ने बैतूल जिले में एक अलग ही आध्यात्मिक माहौल बना दिया। भव्य आयोजन के बीच भावुक विदाई और धर्म के प्रति समर्पण का अनूठा दृश्य देखने को मिला। अब पांचों बहनें जैनेश्वरी दीक्षा लेकर संयम और साधना के मार्ग पर आगे बढ़ेंगी।

Bihar: निर्दलीय जीते, BJP में गए और अब संकट में कुर्सी! बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज पर क्यों मंडराया खतरा?

वोट चोरी पर आर-पार की लड़ाई, गोरखपुर में नितिन नवीन की हुंकार तो भोपाल में नड्डा ने साधा निशाना

दिल्ली SIR: 11.73 लाख मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संजय सिंह ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र

दीपावली पर 8 नवंबर को बंद रहेंगे खाटू श्याम मंदिर के कपाट, कमेटी ने जारी की सूचना, जानें कब खुलेंगे पट

SIR पर संजय सिंह की CEC को चिट्ठी, SC के निर्देश लागू करने की मांग, कहा- बताए 3 करोड़ घुसपैठियों के नाम