Abhijeet Dipke Balaghat Controversy : बालाघाट में आदिवासी अंचल में बच्चों की मौत के मामले के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे। इसी दौरान एक महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर उनकी कार के सामने आ गई और उनके मुंह पर माइक लगा दिया।
महिला ने आक्रामक अंदाज में सवाल करते हुए कहा, “देखो ये आ गए लाशों पर राजनीति करने, अब फुर्सत मिली आपको सुध लेने की। कितना समय हो चुका है। अब आप आए हैं अपनी संवेदनाएं जताने के लिए।” इस दौरान दीपके ने देरी से आने को लेकर माफी भी मांगी।
घटना को लेकर पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि अभिजीत दीपके पर जानलेवा हमला हो सकता था। मुंजारे के मुताबिक, दीपके के खिलाफ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों ने गलत बातें कहीं और उनकी गाड़ी को भी टक्कर मारी। उन्होंने कहा कि मौके पर हमलावरों की संख्या काफी ज्यादा थी और यदि दीपके गाड़ी से नीचे उतर जाते तो उन्हें मार दिया जाता।
मुंजारे ने प्रेस से बातचीत में कहा कि एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपके को घेरने की स्थिति बन गई थी। पूर्व सांसद ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए। मुंजारे ने कहा कि सरकार ने लोकतंत्र की हत्या करने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों को लगा रखा है। उनका दावा है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में डेरा डाले ये इन्फ्लुएंसर प्रायोजित हैं। इनमें राजगढ़ और भोपाल के कुछ लोग शामिल हैं और प्रशासन उन्हें सुरक्षा दे रहा है, ऐसा आरोप उन्होंने लगाया।
मुंजारे ने आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के बीमार होने और मौतों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बच्चों का सही इलाज नहीं हो पा रहा है और शासन अब तक बीमारी की पहचान नहीं कर सका है। उनका आरोप है कि मृत बच्चों का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
कंकर मुंजारे ने दावा किया कि उनकी जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में 50 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन और प्रशासन वास्तविक आंकड़े छिपा रहा है। मुंजारे ने कहा कि वह जल्द ही इस पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। अब इस मामले में प्रशासन की ओर से सामने आने वाला आधिकारिक पक्ष अहम होगा।