

Abhijeet Dipke Reaches Balaghat: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके शनिवार को बालाघाट पहुंचे। वे जिले के उन आदिवासी गांवों का दौरा करेंगे, जहां पिछले तीन महीनों में बड़ी संख्या में बच्चों की मौत होने की बात सामने आई है।
दीपके प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर हालात की जानकारी लेंगे। इसके बाद आदिवासी बच्चों की मौत और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है। वे आदिवासी युवाओं के साथ प्रभावित ग्राम बोंदारी और कोरका भी जाएंगे।
बालाघाट पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चे लगातार बीमार हो रहे हैं और उनकी लंबे समय से अनदेखी हुई है। दीपके के मुताबिक कई इलाकों में बच्चों को पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं, टीकाकरण और पीने का साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि साफ पानी नहीं मिलने के कारण ग्रामीण झीरिया के पानी पर निर्भर रहने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि देश को विश्वगुरु बनाने के लिए आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय से बैहर क्षेत्र की अडोरी और मछुरदा पंचायत में पिछले तीन महीनों के दौरान 31 बच्चों की मौत होने की बात सामने आई है। इसी मामले को लेकर अभिजीत दीपके बालाघाट पहुंचे हैं। सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन के अनुसार अस्पताल में खसरा, मलेरिया, निमोनिया, चर्मरोग और बुखार से पीड़ित करीब 50 बच्चे अब भी भर्ती हैं। अस्पताल में रोजाना करीब 5 से 10 बीमार बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बच्चों की मौत और बीमारी के कारणों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अभिजीत दीपके ने आदिवासी बच्चों की स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व मंत्रियों पर जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे उन परिवारों से मिलेंगे, जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस उनके लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन आंदोलन पीछे नहीं हटेगा। बालाघाट पहुंचने पर युवाओं में दीपके के साथ फोटो खिंचाने की होड़ भी देखने को मिली। एक बच्चे ने उनसे ऑटोग्राफ मांगा, जिस पर दीपके ने उसका नाम पूछकर उसके हाथ पर ऑटोग्राफ दिया।