

Mukhyamantri Scooty Yojana : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 सितंबर को प्रदेश के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों के 7,500 से ज्यादा मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत ई-स्कूटी या मोटराइज्ड वाहन की सौगात देंगे। राज्य स्तरीय वितरण कार्यक्रम भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शिवाजी नगर में आयोजित होगा।
इस बार योजना की पात्रता में बड़ा बदलाव किया गया है। 12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में पास करने वाले, अपने स्कूल में प्रथम स्थान हासिल करने वाले और न्यूनतम 70% अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी ही पात्र होंगे। 2026 में पहली बार 70% अंक की न्यूनतम सीमा जोड़ी गई है। सभी संकायों के विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया है।
पात्र विद्यार्थियों को उनकी पसंद के अनुसार वाहन चुनने का विकल्प मिलेगा। मोटराइज्ड वाहन के लिए अधिकतम 90 हजार रुपए और ई-स्कूटी के लिए अधिकतम 1 लाख 20 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। इसमें वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के साथ रजिस्ट्रेशन, इंश्योरेंस, दो हेलमेट और एसेसरीज की राशि भी शामिल होगी।
विभाग ने वाहन खरीदने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। विद्यार्थी को पहले डीलर से वाहन का कोटेशन लेना होगा और उसे स्कूल प्राचार्य के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजना होगा। राशि खाते में आने से पहले वाहन खरीदने की अनुमति नहीं होगी। ऐसा करने पर विद्यार्थी, उसके पालक और संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।
योजना के तहत मिलने वाले वाहन को विद्यार्थी तीन साल तक बेच या किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर नहीं कर सकेंगे। वाहन के रजिस्ट्रेशन के समय तीन साल के लिए मध्यप्रदेश शासन के नाम हाइपोथिकेशन दर्ज कराया जाएगा। वहीं रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस की प्रक्रिया संबंधित डीलर पूरी करेगा।
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा स्वीकृत राशि कोषालय के माध्यम से विद्यार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। बैंक खाता नहीं होने पर राशि माता-पिता या अभिभावक के खाते में भेजने का प्रावधान है। जिला स्तर पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति करेगी। सरकार के अनुसार योजना से अब तक 23 हजार से ज्यादा विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं और करीब 246 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।