Alirajpur Bori Gangrape Case: आलीराजपुर जिले के बोरी गांव में विधवा महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म और डकैती की घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। घटना के विरोध में पूरे बोरी गांव में बंद का आह्वान किया गया। आक्रोशित लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया।
इधर कांग्रेस का पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़िता और उसके परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली तथा बाद में जिला पुलिस अधीक्षक से भी चर्चा की।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री बाला बच्चन, जोबट विधायक सेना महेश पटेल, झाबुआ विधायक विक्रांत भूरिया, विधायक झूमा सोलंकी और पूर्व मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा। विधायक सेना महेश पटेल और पूर्व मंत्री डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ ने आरोप लगाया कि घटना के चार दिन बाद मंत्री और सांसद सक्रिय हुए, जबकि कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के दौरे की सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे। सेना महेश पटेल ने कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान और स्थानीय सांसद पर आदिवासी समाज की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पीड़ित महिला की चिंता नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीड़िता को समय पर न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। उनका कहना था कि प्रदेश का गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास है, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उधर, आलीराजपुर के पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने बताया कि मामले में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश जारी है और उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा तथा सभी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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आरोपी विधवा महिला के घर डकैती करने पहुंचे थे। विधवा महिला को देखकर आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और घर से चांदी लेकर फरार हो गए। हैवानियत के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके निजी अंगों से लगातार खून बह रहा था, जिसके चलते उसकी सर्जरी करनी पड़ी।