Highlights:
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ फेम शैलेश लोढ़ा ने मां बगलामुखी के दर्शन किए।
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद।
मोहित मकवाना और प्रतीक तातेड भी दर्शन के दौरान रहे मौजूद।
मां बगलामुखी मंदिर तंत्र साधना और धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है।
Shailesh Lodha Maa Baglamukhi Temple Visit : आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में टीवी अभिनेता, कवि और लेखक शैलेश लोढ़ा ने पहुंचकर माता रानी के दर्शन किए। लोकप्रिय टीवी धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में तारक मेहता का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाले शैलेश लोढ़ा ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर मां बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उनके साथ मोहित मकवाना और प्रतीक तातेड भी मौजूद रहे।
शैलेश लोढ़ा ने नलखेड़ा पहुंचकर मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन किए। उनके साथ आए मोहित मकवाना और प्रतीक तातेड ने भी माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। नलखेड़ा का मां बगलामुखी मंदिर मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
शैलेश लोढ़ा देश के जाने-माने कवि, लेखक और अभिनेता हैं। साहित्य और कविता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के बाद उन्होंने टेलीविजन की दुनिया में भी लोकप्रियता हासिल की। धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में तारक मेहता की भूमिका ने उन्हें खास पहचान दिलाई। उनके सहज अभिनय और संवाद अदायगी को दर्शकों ने पसंद किया। टेलीविजन के साथ ही शैलेश लोढ़ा साहित्यिक मंचों पर भी सक्रिय रहे हैं।
आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित मां बगलामुखी मंदिर अपनी धार्मिक मान्यताओं और विशेष पूजा-अर्चना के लिए प्रसिद्ध है। मां बगलामुखी को दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता की आराधना शत्रुओं पर विजय, संकटों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना के लिए की जाती है। मंदिर में सालभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।
मां बगलामुखी मंदिर में आम श्रद्धालुओं के साथ विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां भी दर्शन के लिए पहुंचती हैं। शैलेश लोढ़ा का मंदिर पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लेना भी इसी धार्मिक आस्था से जुड़ा है। नलखेड़ा स्थित यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में से एक है, जहां श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं।