

Highlights:
त्रिपुरा में एक व्यक्ति के साथ नस्लीय भेदभाव का वीडियो सामने आया।
वीडियो में त्रिपुरा के एक व्यक्ति के साथ उत्पीड़न, नस्लीय टिप्पणी और अपमानजनक व्यवहार हुआ।
त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम (दिल्ली) ने दिल्ली पुलिस में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
TSF Delhi Complaint Viral Video: त्रिपुरा में एक व्यक्ति के साथ नस्लीय भेदभाव का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस वीडियो में त्रिपुरा के एक व्यक्ति के साथ उत्पीड़न, नस्लीय टिप्पणी और अपमानजनक व्यवहार दिखाई दे रहा है।
इस मामले को लेकर, त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम (दिल्ली) ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने FIR दर्ज करने और तुरंत जांच शुरू करने की मांग की है।
यह मामला तब सामने आया जब केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया। वहीं, त्रिपुरा पुलिस भी कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर रही है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अपनी शिकायत में, त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम (दिल्ली) ने पुलिस से तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। फोरम ने एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर पर त्रिपुरा के व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
शिकायत में कहा गया है, "त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम (दिल्ली) की ओर से, हम यह औपचारिक शिकायत दर्ज करा रहे हैं। हम इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे एक परेशान करने वाले वीडियो के मामले में तुरंत हस्तक्षेप की मांग करते हैं। इस वीडियो में, एक सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर द्वारा त्रिपुरा के एक व्यक्ति को कथित तौर पर परेशान किया गया है और उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया है।"
फोरम ने कहा कि अगर जांच में ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह उस व्यक्ति की गरिमा और सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही, यह पूर्वोत्तर (North-East) के लोगों द्वारा सामना किए जाने वाले नस्लीय भेदभाव और उत्पीड़न के व्यापक मुद्दे को भी उजागर करता है।
फोरम का आरोप है कि वीडियो में "चिंकी" (Chinky) और "चाइनीज" (Chinese) जैसी नस्लीय टिप्पणियां की गई हैं। शिकायत में कहा गया है, "जब किसी व्यक्ति को उसकी जातीय या क्षेत्रीय पहचान के आधार पर नीचा दिखाने या अपमानित करने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, तो यह मानवीय गरिमा और समान व्यवहार के अधिकार को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।"
फोरम ने वीडियो में त्रिपुरा राज्य के खिलाफ अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह न केवल उस व्यक्ति का, बल्कि पूरे राज्य के लोगों का अपमान है। इस तरह की भाषा ने त्रिपुरा समुदाय के लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। इसे राज्य की गरिमा और प्रतिष्ठा पर हमले के रूप में देखा जा रहा है।
फोरम का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के कंटेंट के फैलने से राज्य और वहां के लोगों के प्रति मजाक उड़ाने और तिरस्कार करने की प्रवृत्ति सामान्य हो सकती है। खासकर तब, जब इसके साथ उत्पीड़न और अपमान की घटनाएं भी जुड़ी हों।
फोरम ने पुलिस के सामने कई मांगें रखी हैं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे कंटेंट की जांच करके लागू होने वाले कानूनी प्रावधानों को तय करें, पीड़ित का बयान दर्ज करें और मामले की गहन जांच करें। इसके अलावा, उन्होंने औपचारिक रूप से FIR दर्ज करने की भी मांग की है।
साथ ही, फोरम ने इंस्टाग्राम अकाउंट चलाने वाले व्यक्ति की पहचान करने, एक सुरक्षित और गोपनीय प्रक्रिया के जरिए पीड़ित का बयान दर्ज करने, और पीड़ित को आगे की धमकियों या उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक सबूतों जैसे कि ओरिजिनल रिकॉर्डिंग, मेटाडेटा और अपलोड हिस्ट्री को सुरक्षित रखने की भी मांग की है।