How To Choose Right Footwear: जूते सिर्फ आपकी पर्सनैलिटी का हिस्सा नहीं होते हैं, बल्कि पैरों से लेकर घुटनों, कूल्हों और कमर तक इसका असर पड़ता है। हाई हील, बहुत टाइट शूज या बिना सपोर्ट वाले जूते लंबे समय में दर्द और दूसरी समस्याओं का कारण बन जाते हैं। जानें फुटवियर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
जूते हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं, लेकिन अक्सर इन्हें खरीदते समय हम आराम से ज्यादा फैशन का ध्यान रखते हैं। खासकर तब जब हम हाई हील, प्वाइंटेड शूज या किसी ड्रेस से मैचिंग फुटवियर खरीदते हैं, ये जूते स्टाइलिश जरूर लग सकते हैं, लेकिन गलत फिट और कम सपोर्ट वाले जूते पैरों में दर्द के साथ घुटनों, कूल्हों और कमर पर भी बुरा असर डालते हैं। खराब फुटवियर से कॉर्न, कैलस, छाले, बूनियन, हैमर टो और प्लांटर फैसाइटिस जैसी समस्याएं होती हैं।
हाई हील पहनने पर शरीर का वजन पूरी तरह से आगे की ओर शिफ्ट हो जाता है, इससे आपके पंजों पर दबाव बढ़ जाता है और टखने, घुटने तथा कमर के मूवमेंट और पॉश्चर में बदलाव आ सकता है। इसलिए रोजाना लंबे समय तक हाई हील पहनने से बचना चाहिए।
अगर जूते पैर की उंगलियों को दबा रहे हैं या चलने पर पैर में फ्रिक्शन महसूस हो रहा है। ऐसे जूतों से छाले, कॉर्न, कैलस और नाखूनों से जुड़ी समस्या हो सकती हैं।
सही साइज का चुनाव: हर ब्रांड का फिट थोड़ा अलग होता है, इसलिए सिर्फ पुराने साइज के आधार पर जूते न खरीदें।
टो-बॉक्स चौड़ा हो: उंगलियों को हिलाने और फैलाने की जगह मिलनी चाहिए, इसलिए प्वाइंटेड शूज को अवॉयड करें।
आर्च सपोर्ट देखें: अगर आपको लंबे समय तक चलना या खड़ा रहना पड़ता है, आर्च सपोर्ट का ध्यान रखें।
जूते पहनकर चलकर देखें: जूते को खरीदने से पहले कुछ कदम चलें और देखें कि कहीं दबाव, रगड़ या दर्द तो नहीं हो रहा, उसके बाद ही चयन करें।
शाम के समय खरीदें जूते: दिन भर मूवमेंट करने के बाद दिन के अंत तक पैरों में थोड़ी सूजन आ जाती है, इसलिए इस समय फिट का बेहतर अंदाजा मिलता है।
जरूरत के हिसाब से जूते चुनें: रनिंग, वॉकिंग, जिम और रोजाना पहनने के लिए एक ही तरह के जूते सही नहीं होते हैं। हर एक्टिविटी के लिए अलग-अलग जूतों को पहनना चाहिए।