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World Students Day: पढ़ाई के साथ खुद को फिट और टेंशन फ्री रहने के ये 5 आसान तरीके आपके काम आएंगे

Student Fitness Tips: वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे पर जानें पढ़ाई के साथ फिट और तनावमुक्त रहने के 5 आसान तरीके, जिनमें मूवमेंट ब्रेक, स्क्रीन से आराम, पर्याप्त नींद और खेलकूद शामिल हैं।

रीता राय सागर

Highlights

  • हर 30–60 मिनट की पढ़ाई के बाद छोटा मूवमेंट ब्रेक लें।

  • तनाव के समय सांस पर ध्यान दें और बड़े काम को छोटे लक्ष्यों में बांटें।

  • बेहतर एकाग्रता के लिए उम्र के अनुसार पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है।

World Students Day 2026: परीक्षा की तैयारी, असाइनमेंट, कोचिंग और लगातार ऑनलाइन होने वाली स्टडीज के बीच में छात्रों को जहां एक ओर हर वक्त तनाव बना रहता है, तो वहीं उनकी सेहत को भी नुकसान हो रहा है। कई बार घंटों पढ़ने के बाद भी ध्यान भटकने लगता है, शरीर में सुस्ती महसूस होती है और छोटी-छोटी बातों पर तनाव होने लगता है।

हर साल 15 अक्टूबर को भारत में विश्व विद्यार्थी दिवस मनाया जाता है। यह दिन पूर्व राष्ट्रपति और वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। डॉ. कलाम का जीवन शिक्षा, विज्ञान और विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देने के लिए याद किया जाता है।

पढ़ाई के बीच बॉडी मूवमेंट भी करें

लगातार दो-तीन घंटे कुर्सी पर बैठे रहने से शरीर में अकड़न और सुस्ती महसूस होने लगती है। ऐसे में ब्रेक के दौरान सिर्फ मोबाइल चलाने के बजाय थोड़ा चलना, कंधों को रोटेट करना या हल्की स्ट्रेचिंग करना बेहतर है।

हर 30-60 मिनट की पढ़ाई के बाद अपनी सुविधा के अनुसार 2-5 मिनट का मूवमेंट ब्रेक लें। कमरे में टहलें, गर्दन और कंधों की स्ट्रेचिंग करें या कुछ देर खड़े रहें। छोटे-छोटे एक्टिविटी ब्रेक आपके तनाव को कम करेंगे और आप अपनी पढ़ाई में बेहतर फोकस कर पाएंगे।

स्ट्रेस हो, तो 2 मिनट के लिए पढ़ाई रोक दें

कभी-कभी किताब सामने खुली होती है, लेकिन दिमाग में सिलेबस, नंबर और एग्जाम जैसी चीजें चलती रहती है। ऐसे समय में खुद को जबरदस्ती पढ़ने के लिए दबाव डालने की बजाय कुछ देर के लिए किताबों से दूरी बना लें।

आराम से बैठें और सांस को धीरे-धीरे अंदर लें और बाहर छोड़ें। इसके बाद अपनी पढ़ाई को छोटी-छोटी कैटेगरी में बांटें, जैसे अगले 20 मिनट में दो पेज पढ़ना या पांच सवाल हल करना। इससे पूरा सिलेबस एक साथ सोचने के बजाय सामने मौजूद काम पर ध्यान देना आसान होगा।

पढ़ाई के समय आंखों को भी दें आराम

किताबों के साथ लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल का इस्तेमाल भी बढ़ गया है। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, सूखापन या सिरदर्द महसूस हो सकता है। ऐसे में स्क्रीन से नियमित अंतराल पर नजर हटाना और रोशनी का ध्यान रखना जरूरी है।

स्क्रीन देखते समय बीच-बीच में पलकें झपकाएं, दूसरी चीजों की ओर भी देखें, इससे स्क्रीन की चमक से आंखों पर पढ़ने वाला असर थोड़ा कम होगा। मोबाइल से ब्रेक लेकर कुछ देर खिड़की से बाहर देखना या कमरे में टहलना बेहतर होता है। अगर आंखों में लगातार दर्द, धुंधलापन या सिरदर्द हो, तो आंखों के डॉक्टर से सलाह लें।

पढ़ाई के लिए नींद से समझौता न करें

परीक्षा पास आने पर देर रात तक जागकर पढ़ना कई छात्रों की आदत होती है। लेकिन कम नींद का असर अगले दिन की एकाग्रता, मेमोरी और मूड पर पड़ता है। आंकड़े बताते हैं कि 6-12 साल के बच्चों को रोजाना 9-12 घंटे और 13-18 साल के किशोरों को 8-10 घंटे की नींद की जरूरत होती है।

सोने और उठने का समय नियमित रखें। सोने से कम से कम 30 मिनट पहले मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट से दूरी बनाएं। रात में देर तक पढ़ने के बजाय दिन में छोटे-छोटे हिस्से में पढ़ाई करें।

फिट रहने के लिए एक्टिविटी करें

फिट रहने के लिए हर छात्र को जिम जाने की जरूरत नहीं है। तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, बैडमिंटन खेलना, डांस करना या रस्सी कूदना भी हेल्दी हो सकता है। अपनी पसंद का काम चुनने से नियमितता बनाए रखना आसान हो सकता है।

अगर आप 5-17 साल के छात्र हैं, तो WHO के मुताबिक सप्ताह के दौरान औसतन रोजाना कम से कम 60 मिनट मध्यम गति की कोई भी एक्टिविटी करें। इसमें खेलना, साइकिल चलाना, दौड़ना और अन्य खेल शामिल हैं।

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