नदी फोटो.सोशल मीडिया
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World Rivers Day: नदियों को प्रदूषण से बचाना है तो आज से घर में बदलें ये 7 आदतें

River Conservation: वर्ल्ड रिवर डे को सेलिब्रेट करने का उद्देश्य हमें याद दिलाना है कि नदियों की सफाई केवल नदी के किनारे से कचरा उठाना नहीं, बल्कि उस कचरे और प्रदूषण को नदी तक पहुंचने से रोकना भी है।

रीता राय सागर

World Rivers Day 2026: नदियां सिर्फ पानी का स्रोत नहीं हैं, बल्कि खेती, पीने का पानी, बायो डायवर्सिटी और लाखों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी हैं, लेकिन नदियों में पहुंचने वाला कचरा और दूषित पानी से नदियां भी प्रदूषित होती है और इससे सेहत भी प्रभावित होती है।

नदी की सफाई की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार या किसी प्रशासन की नहीं है। नदी को बचाने की जिम्मेदारी हर व्यक्ति की है। घर में अपनाई जाने वाली कुछ छोटी आदतें भी नदी तक पहुंचने वाले कचरे और गंदे पानी को कम कर सकती हैं।

कचरा नाली या खुले में न फेंकें

प्लास्टिक की थैली, रैपर, बोतल और दूसरे कचरे को नाली या सड़क किनारे फेंकने से बचें। बता दें कि बारिश के पानी के साथ यह कचरा नालियों से होते हुए नदियों और जलस्रोतों तक पहुंच सकता है। घर के कचरे को अलग-अलग करके उचित जगह पर ही डिस्कार्ट करें।

प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें

वन टाइम यूज होने वाली प्लास्टिक की चीजों की जगह जहां तक संभव हो, कपड़े के थैले, बार-बार इस्तेमाल होने वाली बोतल और दूसरे सस्टेनेबल ऑप्शन अपनाएं। घर से निकलने वाला प्लास्टिक कचरा जितना कम होगा, उतना ही इन कचरों का नदियों तक पहुंचना रोकना आसान होगा।

नदी

तेल और ग्रीस नाली में न बहाएं

खाना बनाने के बाद बचा हुआ तेल अकसर सिंक में डाल दिया जाता है, ऐसा करने से नाली जाम हो सकती है और अपशिष्ट जल व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इस्तेमाल किए हुए तेल को अलग कंटेनर में जमा करें और स्थानीय कचरा प्रबंधन व्यवस्था के अनुसार इस का निस्तारण करें।

केमिकल सीधे नाली में न डालें

पेंट, स्ट्रॉन्ग, कीटनाशक या दूसरे घरेलू रासायनिक पदार्थ को सिंक या खुले नाले में न डालें। ऐसे पदार्थों के निपटान के लिए नगर निगम से स्थानीय नियम और कचरा प्रबंधन व्यवस्था की जानकारी लें।

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कपड़े धोते समय पर्यावरण का भी ध्यान रखें

कपड़े धोने में जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट का इस्तेमाल न करें। जहां संभव हो, पर्यावरण के अनुकूल प्रोडक्ट चुनें और मशीन में उतने ही कपड़े धोएं जितनी उसकी क्षमता हो। इससे पानी और डिटर्जेंट दोनों की अनावश्यक खपत को रोका जा सकता है।

पूजा सामग्री जलस्रोतों में न डालें

फूल, कपड़ा, प्लास्टिक की सजावट और दूसरी पूजा सामग्री को नदी, तालाब या नाले में डालने के बजाय घर पर अलग इकट्ठा करें। फूलों जैसी जैविक सामग्री के लिए कंपोस्टिंग का विकल्प अपनाना बेहतर है।

पानी की बर्बादी रोकें

नल खुला छोड़ना, जरूरत से ज्यादा पानी इस्तेमाल करना या लीकेज को नजरअंदाज करना पानी की बर्बादी बढ़ाता है। घर में पानी का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और नल या पाइप में रिसाव हो तो उसे जल्द ठीक करवाएं। पानी बचाना भी जलस्रोतों को बचाने के समान ही है।

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