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विश्व हृदय दिवस विशेष: बदलती जीवनशैली में 'दिल' की धड़कनों संग ऐसे चलनी चाहिए जिंदगी

World Heart Day: भारत में हृदय रोग एक महामारी की तरह तेजी से फैल रहा है, जिसने अब युवाओं को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। दुनिया भर में होने वाली हर चार में से एक मौत की वजह हृदय रोग ही है।

मनोज आर्या

World Heart Day 2025: आज पूरे देश में विश्व हृदय दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर यह बात फिर से ज़ोर पकड़ रही है कि हमारी तेज़ी से बदलती जीवनशैली में सजगता ही वह कुंजी है जो ज़िंदगी की डोर को थामे रहने वाली दिल की धड़कनों को सुरक्षित रख सकती है। यह दिन महज़ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सामूहिक चेतावनी और जीवन बचाने की अपील है क्योंकि आज हमारा दिल सबसे बड़े खतरे में है।

भारत में 'मूक महामारी' बना हृदय रोग

भारत में हृदय रोग एक मूक महामारी की तरह तेज़ी से पैर पसार रहे हैं, जिसने अब युवाओं को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। यह एक वैश्विक संकट है, जिसके अनुसार दुनिया भर में होने वाली हर चार में से एक मौत की वजह हृदय रोग ही है। विश्व हृदय महासंघ की रिपोर्ट बताती है कि हृदय रोगों का 75 प्रतिशत बोझ निम्न और मध्यम आय वाले देशों पर है, जिसमें भारत भी शामिल है। लगातार बढ़ता तनाव, भागदौड़ भरी ज़िंदगी और अनियंत्रित खान-पान इस गंभीर खतरे को और बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञ चेताते हैं कि अगर अब नहीं चेते तो कल बहुत देर हो सकती है।

दिल का प्रदूषण से भी है कनेक्शन

दिल के स्वास्थ्य का सीधा संबंध हमारे आस-पास के वातावरण से भी है। एक कड़वा सच यह है कि वायु प्रदूषण से होने वाली लगभग 25 प्रतिशत हृदय संबंधी मौत हर साल होती हैं। यानी, हर साल करीब 70 लाख लोग केवल प्रदूषण के कारण मौत के शिकार हो जाते हैं। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि पृथ्वी का स्वास्थ्य सीधे तौर पर हमारे दिल के स्वास्थ्य से जुड़ा है। स्वस्थ हवा, स्वस्थ जीवन की पहली शर्त है। इस विश्व हृदय दिवस पर हमें प्रदूषण घटाने का भी संकल्प लेना होगा।

स्वस्थ दिल के लिए अपनाएं 'जीवनशैली मंत्र'

विशेषज्ञों के अनुसार, हृदय को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए जीवनशैली में कुछ अहम बदलाव लाना ज़रूरी है। इसके लिए हमें कुछ जरूरी काम करने होंगे। जिसमें ये प्रमुख हैं....

1. संतुलित आहार: ताज़े फल-सब्जियों का अधिक सेवन करें और खाने में चीनी व नमक का उपयोग कम करें। जंक फूड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना आवश्यक है।

2. नियमित कसरत: रोज़ाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करना या पैदल चलना हृदय की सेहत के लिए अमृत के समान है।

3. तनाव प्रबंधन: आधुनिक जीवन का सबसे बड़ा दुश्मन तनाव है। इस पर नियंत्रण के लिए योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।

4. धूम्रपान छोड़ें: धूम्रपान हृदय रोग के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। इसे छोड़ने से केवल दो साल में जोखिम आधा हो जाता है और 15 साल में यह नॉन-स्मोकर के जैसा हो जाता है।

5. नियमित जांच: ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करवाना हृदय रोग की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आपका स्वास्थ्य, राष्ट्र का स्वास्थ्य

जब हम अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति सजग होते हैं, तभी परिवार, समाज और अंततः राष्ट्र का स्वास्थ्य सुरक्षित होता है। विश्व हृदय दिवस हमें दिल से जुड़े मिथकों को तोड़ने और स्वस्थ आदतें अपनाने का अवसर देता है। एक मजबूत दिल ही जीवन को लंबी उम्र और एक गहरी मुस्कान देता है। इस दिन संकल्प लें कि हम अपने दिल का ख़्याल रखेंगे, ताकि ज़िंदगी की धुन बिना रुके बजती रहे।

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