World Gratitude Day 2026: दिनभर की भागदौड़, काम का तनाव और छोटी-छोटी परेशानियां अक्सर हमारा ध्यान उन चीजों पर ले जाती हैं जो ठीक नहीं चल रहीं। हमारा ध्यान अकसर निगेटिव चीजों पर अधिक जाता है, जब कि पॉजिटिव चीजों पर कम जाता है।
ऐसे में रात को सोने से पहले कुछ मिनट का समय निकालकर उन चीजों को याद करना जिनके लिए आप आभारी हैं, आपके मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाता है। इसे रोजाना एक डायरी में लिखा भी जा सकता है। जर्नल राइटिंग एक बेहद अच्छी प्रैक्टिस है, जिसका असर हमारे दिमाग पर भी पॉजिटिव होता है।
सोचिए कि आज आपके दिन में ऐसी कौन-सी बात हुई जिसने आपको अच्छा महसूस कराया। जरूरी नहीं है कि वह कोई बड़ी बात हो। परिवार के साथ अच्छा समय, मनपसंद का खाना, कोई काम या कुछ देर सुकून से बैठने जैसी छोटी-छोटी चीजें भी इसमें शामिल हो सकती है।
रोजाना जर्नल लिखते समय उस इंसान के बारे में सोचें, जिसने आज किसी तरह आपकी मदद की, आपका साथ दिया या आपको अच्छा फील कराया। वह कोई भी हो सकता है, जैसे- आपका कलीग, फैमिली मेंबर, फ्रेंड या कोई अजनबी।
किसी के प्रति आभार व्यक्त करने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि केवल दूसरों को धन्यवाद देना है। दिन के अंत में अपने लिए भी एक अच्छी बात लिखें। इसका फायदा यह होगा कि जब भी आप उसे दोबारा पढ़ेंगे, तो आपको अच्छा महसूस होगा। इसमें भी बहुत बेसिक बातें लिखी जा सकती है। इन छोटी-छोटी आदतों का मेंटल हेल्थ पर बड़ा असर पड़ता है।
विश्व आभार दिवस के मौके पर इसकी शुरुआत की जा सकती है। इसके लिए रोज पूरी कहानी लिखने की जरूरत नहीं है। अपने बेड के आसपास या साइड टेबल पर एक डायरी और पेन रखें। रात को सोने से पहले सिर्फ3-5 मिनट निकालें और इन तीन सवालों के जवाब लिखें। रिसर्च बताती है कि रोजाना ऐसा करने से लाइफ में पॉजिटिविटी बनी रहती है और मन खुश रहता है।