Vitamin D and Calcium Supplements: बदलती लाइफ स्टाइल और मिलावटी खानपान कई सारी बीमारियों को न्योता दे रही है। इसी कारण से हमारी हड्डियां भी कमजोर होती जा रही है और हम न चाहते हुए भी सप्लीमेंट्स पर निर्भर होते जा रहे हैं।
कई बार लोग बिना किसी डॉक्टरी परामर्श के विटामिन D और कैल्शियम की गोलियां लेना शुरू कर देते हैं। कई लोगों का मानना है कि इन सप्लीमेंट्स का रोजाना सेवन करने से बढ़ती उम्र में हड्डियां कमजोर नहीं होंगी और फ्रैक्चर का खतरा भी कम रहेगा।
लेकिन, विशेषज्ञ मानते हैं कि हड्डियों की सेहत केवल दो चीजों पर निर्भर नहीं करती है बल्कि मजबूत हड्डियों के लिए संतुलित जीवनशैली, नियमित व्यायाम, पर्याप्त धूप और पौष्टिक आहार भी बहुत जरूरी हैं।
डॉक्टर मानते हैं कि बिना जांच और डॉक्टर की सलाह के विटामिन D और कैल्शियम या अन्य कोई भी सप्लीमेंट्स लेना सही तरीका नहीं है। सिर्फ दवाइयों के सेवन से हड्डियां मजबूत नहीं होतीं और न ही फ्रैक्चर का खतरा पूरी तरह से खत्म होता है।
हड्डियां हमारे शरीर में लीविंग टिश्यू होते हैं, जो बार-बार टूटते हैं और दोबारा बनते हैं। आसान भाषा में समझें, तो अगर आप अपनी हड्डियों को एक घर समझें, तो उनके अनुसार, कैल्शियम और विटामिन D घर की ईंट और सीमेंट की तरह हैं, लेकिन अगर घर बनाने वाले कारीगर, मजबूत नींव और नियमित देखभाल न करें, तो सिर्फ ईंट और सीमेंट से घर मजबूत नहीं बनता है।
भारत में भरपूर मात्रा में धूप उपलब्ध होने के बावजूद विटामिन D की कमी काफी आम है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को रोजाना सप्लीमेंट्स लेना चाहिए। सोशल मीडिया या दूसरों की सलाह पर सप्लीमेंट्स लेना नुकसानदायक हो सकता है। पहले जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के बाद ही विटामिन D या कैल्शियम सप्लीमेंट्स लेना शुरू करें।