उमियम झील (सोर्स- सोशल मीडिया)  
टूर एंड ट्रैवल

Water of Tears: मेघालय की वह झील जिसे कहा जाता है 'आंसुओं का पानी', जानें स्वर्ग से जुड़ी इसकी रहस्यमयी कहानी

Water Of Tears Story: मेघालय की उमियम झील को 'आंसुओं का पानी' क्यों कहते हैं? जानें स्वर्ग से जुड़ी वो लोककथा जिसने इस खूबसूरत झील को दुनिया भर में मशहूर बना दिया।

सजल रघुवंशी

Umiam Lake Meghalaya Tourism: भारत में कई ऐसी जगहें हैं, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ दिलचस्प कहानियों के लिए भी जानी जाती हैं। इन्हीं में से एक है उमियम झील, जिसे आंसुओं का पानी या वॉटर ऑफ टीयर्स कहा जाता है। यह झील अपनी खूबसूरती और शांत वातावरण के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन इसके नाम के पीछे की कहानी इसे और भी खास बनाती है।

उमियम नाम और उससे जुड़ी लोककथा

उमियम नाम खासी भाषा से लिया गया है, जिसमें 'उम' का अर्थ पानी और 'इयम' का अर्थ आंसू होता है। इसी वजह से इसे 'आंसुओं का पानी' कहा जाता है। इसके पीछे एक लोककथा भी प्रचलित है। मान्यता है कि दो बहनें स्वर्ग से धरती पर आई थीं लेकिन उनमें से एक रास्ते में खो गई। दूसरी बहन ने उसे बहुत खोजा लेकिन वह नहीं मिली। इस दुख में वह इतना रोई कि उसके आंसुओं से यह झील बन गई। यही कारण है कि इस झील को इस नाम से जाना जाता है। स्थानीय लोग इसे बारापानी भी कहते हैं, जिसका मतलब होता है 'बड़ा पानी'।

मेघालय में स्थित यह खूबसूरत झील

यह झील मेघालय राज्य में स्थित है और शिलॉन्ग से करीब 15 किलोमीटर दूर है। चारों ओर फैली हरियाली, पहाड़ों का दृश्य और साफ पानी इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं। यही वजह है कि यहां हर साल बड़ी संख्या में  पर्यटक पहुंचते हैं। यहां का शांत वातावरण और ठंडी हवाएं लोगों को सुकून का अनुभव कराती हैं।

घूमने का सही समय और अनुभव

उमियम झील घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल के बीच माना जाता है, क्योंकि इस दौरान बारिश कम होती है। हालांकि, जो लोग बारिश पसंद करते हैं, वे मानसून के समय भी यहां आ सकते हैं, क्योंकि उस दौरान भी यह जगह बेहद सुंदर नजर आती है।

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