मेघालय की क्रिस्टल क्लियर नदी में तैरती नाव का मनमोहक दृश्य (सौ. फ्रीपिक) 
टूर एंड ट्रैवल

मेघालय की सीक्रेट नदी जहां पानी नहीं कांच पर तैरती है नाव!, जानें कैसे पहुंचेंगे यहां

Dawki River: मेघालय में मौजूद यह अनोखी नदी अपनी शीशे जैसी साफ़ पानी की सतह के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यहां नावें ऐसे तैरती दिखती हैं जैसे कांच पर चल रही हों जिसे देखने के लिए पर्यटक आते हैं।

प्रीति शर्मा

Crystal Clear River India: अगर आप प्राकृतिक सुंदरता की तलाश में हैं तो मेघालय की उमंगोट नदी एक बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित होगा। जहां पर आपको एक अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित यह नदी अपनी जादुई पारदर्शिता के लिए मशहूर है। जहां पर पानी के नीचे की हर चीज साफ नजर आती है।

उत्तर पूर्वी राज्य मेघालय को बादलों का घर कहा जाता है। जिसकी खूबसूरती के आगे लोगों की आंखें नहीं हटती हैं। यहां पर पर मौजूद दावकी की उमंगोट नदी बहुत ही फेमस है। इस नदी की तस्वीरें देखकर आपको यकीन नहीं होगा। सोशल मीडिया पर अक्सर इसकी तस्वीरें वायरल होती रहती हैं।

उमंगोट नदी की खासियत

उमंगोट नदी की सबसे बड़ी खासियत इसका क्रिस्टल क्लियर पानी है। सर्दियों के मौसम में विशेष रूप से नवंबर से फरवरी के बीच इस नदी का पानी इतना साफ हो जाता है कि इसकी सतह से नदी के तल तक सब कुछ स्पष्ट दिखाई देता है। जब पर्यटक यहां नाव की सवारी करते हैं तो पानी की पारदर्शिता के कारण ऐसा भ्रम होता है जैसे नाव पानी पर नहीं बल्कि हवा में या किसी विशाल कांच के ऊपर तैर रही हो।

यह नदी शिलांग से लगभग 95 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल बोटिंग का आनंद लेते हैं बल्कि नदी के किनारे बसे छोटे-छोटे गांवों की संस्कृति और पहाड़ों से गिरते झरनों का भी लुत्फ उठाते हैं। यहां का शांत वातावरण और प्रदूषण मुक्त हवा इसे भीड़भाड़ वाले शहरों से दूर एक परफेक्ट हॉलिडे स्पॉट बनाती है।

कैस पहुंचे यहां

दवाकी पहुंचने के लिए आप हवाई मार्ग, रेल मार्ग और सड़क के जरिए भी जा सकते हैं। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा गुवाहाटी है। यहां से दावकी की दूरी सिर्फ 170 किमी है। नजदीकी रेलवे स्टेशन की बात करें गुवाहटी ही रहेगा। जहां से आपको टैक्सी मिल जाएगी। इसके अलावा सड़क मार्ग के खूबसूरत रास्तों से आप यहां जा सकते हैं।

यहां पर साल भर जाया जा सकता है लेकिन उमंगोट नदी की असली खूबसूरती देखने के लिए सितंबर से अप्रैल का समय सबसे बेहतरीन माना गया है। मानसून के समय यहां पर पानी की वजह से ज्यादा अच्छा नहीं लगता है। सर्दियों में यह नदी बोटिंग के लिए बेस्ट है।

हवा में चाकूबाजी, तेजी से नीचे आया विमान…कौन हैं भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार? जान पर खेलकर बचाई 180 की जान

यूपी पुलिस को ही भंग कर सभी केस CBI को देने पड़ेंगे क्या? सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी

कांग्रेस की एकला चलो नीति पर भड़के उद्धव ठाकरे! INDIA गठबंधन की बैठक में सुनाई खरी-खोटी, दी ये सलाह

CSR घाेटाला: महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों के 8 ठिकानों पर ED की छापेमारी, फर्जी नेटवर्क का खुलासा

किसानों को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा, MSP में बढ़ोतरी की मंजूरी; ₹2.79 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान