Manali Vs Dharmshala: सर्दियां आते ही बर्फ से ढकी पहाड़ियां और ठंडी हवाएं ट्रैवल लवर्स को पहाड़ों की ओर खींचने लगती है। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत जगह मनाली और धर्मशाला ज्यादातर लोगों की ट्रैवल लिस्ट में शामिल करती है। ये दोनों जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, रोमांचक गतिविधियां और शांत वातावरण के लिए मशहूर है। लेकिन कई बार विंटर वेकेशन के इन दोनों में कौन सी जगह चुनी जाए यह सवाल रहता है।
आज हम आपको इन दोनों जगहों की खासियत के बारे में बताएंगे जिससे आप सर्दियों की छुट्टियों के लिए बेहतर जगह चुन पाएंगे।
सर्दियों में मनाली में चहल-पहल रहती है। बच्चे मॉल रोड के पास बर्फ के गोले फेंकते हैं। सोलंग घाटी के लिए पर्यटकों की कतारें लगी रहती है। वहीं सर्दियों के समय धर्मशाला ज्यादा शांत है। मैक्लॉडगंज के ऊपरी इलाकों में आपको बर्फबारी देखने को मिल सकती है लेकिन यहां का माहौल ज्यादा सौम्य होता है।
मनाली ऊंची हिमालयी चोटियों से घिरा है जो सर्दियों में पूरी तरह सफेद हो जाती है। व्यास नदी शहर से होकर बहती हुई दृश्यों में चार चांद लगा देती है। धर्मशाला में देवदार के जंगल, बादलों से ढकी चट्टानों के नजारे और सर्दियों की धुंध में छिपी धौलाधार पर्वतमाला दिखाती है। यह थोड़ा कोमल जरूर लगता है, लेकिन कम खूबसूरत नहीं है।
मनाली की सोलंग घाटी स्कीइंग और पैराग्लाइडिंग के लिए मशहूर है। यहां रोमांच चाहने वालों के लिए ठंड के महीनों में रिवर राफ्टिंग जारी रहती है। वहीं धर्मशाला में मौसम शांत रहता है। त्रिउंड ट्रेक सबसे खास है जहाँ बिना किसी विशेष कठिनाई के मनोरम दृश्य दिखाई देते हैं।
पुराना मनाली: यहां नदी किनारे पगडंडियाँ और पूरी तरह से चालू हीटर वाले इंडी कैफे बहुत शानदार हैं।
रोहतांग दर्रा: बर्फ के नजारे जो ठंड को सार्थक बनाते हैं।
मॉल रोड: ठंड के दिनों में भी, शहर का स्थायी केंद्र का जहां खूब भीड़ होती है।भागसू झरना: छोटी सर्दियों की पैदल यात्राओं के लिए एक मनोरम जगह है।
दलाई लामा मंदिर: यह शांत, सम्मानजनक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जगह है।
त्रिउंड ट्रेक: इस जगह पर सर्दियों के नजारे जो देखने लायक हैं।