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इस दिन है 'चैत्र नवरात्रि' की अष्टमी, जानिए सही तिथि और पूजा का मुहूर्त

नवभारत डेस्क

सीमा कुमारी

नई दिल्ली: 9 अप्रैल, 2022 को 'नवरात्रि' की अष्टमी तिथि है। नवरात्रि में अष्टमी तिथि का अधिक महत्व होता है। नवरात्रि के आठवें दिन को अष्टमी तिथि कहा जाता है। इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप 'महागौरी' की पूजा अर्चना करने का विधान है। इस बार नवरात्र पूरे 9 दिनों के पड़ रहे हैं जिसके कारण इस बार अष्टमी 9 अप्रैल को मनाई जाएगी। कुछ लोग अष्टमी तिथि को ही कन्या पूजन करने के साथ व्रत का पारण कर देते हैं। लेकिन कई लोग नवमी तिथि को कन्या पूजन के साथ हवन आदि भी करते है। आइए जानिए दुर्गाष्टमी का मुहूर्त और महत्व।

शुभ मुहूर्त

शुक्ल पक्ष अष्टमी:

8 अप्रैल रात 11 बजकर 05 मिनट से शुरू होकर 10 अप्रैल सुबह 01 बजकर 24 मिनट तक।

अतिगण्ड योग:

8 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 9 अप्रैल सुबह 11 बजकर 24 मिनट तक

अभिजीत मुहूर्त: 9 अप्रैल दोपहर 12 बजकर 03 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक

अमृत काल: 9 अप्रैल सुबह 01 बजकर 50 मिनट से 03 बजकर 37 मिनट तक

 ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04 बजकर 39 मिनट से 05 बजकर 27 मिनट तक

चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की पूजा करने का विधान है। महागौरी को सौम्य देवी के रूप में पूजा जाता है। महागौरी का वाहन वृषभ है। इसके साथ ही देवी मां की चार भुजाएं है। मां के एक हाथ में त्रिशूल, एक में डमरू, तीसरे में अक्षय मुद्रा और चौथे में वर मुद्रा में हैं।

महत्व

शास्त्रों में दुर्गाष्टमी का बड़ा महत्व है। इस दिन मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करने से सुख-समृद्धि, यश-कीर्ति आदि की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही मां दुर्गा व्यक्ति के हर कष्ट को हर कर खुशहाली का आशीर्वाद देती हैं।

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