हैप्पी कपल फोटो.सोशल मीडिया
लाइफस्टाइल

Modern Marriage Problems: शादीशुदा रिश्तों की 7 बड़ी समस्याएं और उनसे निपटने के तरीके

Marriage Problems in India: मॉडर्न जमाने में शादी के मायने भी बदल गए हैं। कम्युनिकेशन गैप, घर के काम का असमान बोझ, परिवार की दखल व पर्सनल स्पेस जैसी समस्याएं रिश्तों में तनाव बढ़ाती हैं।

रीता राय सागर

Indian Marriage Problems: शादी आज भी भारतीय समाज का एक सिस्टम है, लेकिन शादीशुदा रिश्तों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पहले जहां परिवार, जिम्मेदारियां और सामाजिक अपेक्षाएं वैवाहिक जीवन का बड़ा हिस्सा होती थीं, वहीं आज इमोशनल कनेक्शन, पर्सनल स्पेस, आर्थिक स्वतंत्रता और बराबरी का पार्टनरशिप अधिक महत्व रखता है। यही बदलाव कई दंपतियों के सामने नई चुनौतियां लेकर आया है। जानिए क्या है ये चुनौतियां और इससे निपटने के तरीके।

बातचीत की कमी

एक ही घर में रहने के बावजूद पति-पत्नी के बीच पॉजिटिव कम्युनिकेशन कम होती है। ऑफिस, बच्चों, घर और मोबाइल की व्यस्तता के बीच कई कपल सिर्फ जरूरी काम तक ही बातें करते हैं। धीरे-धीरे भावनाएं साझा न करने से दूरी बढ़ती जाती है। आज के समय में बातचीत न होना वैवाहिक जीवन का प्रमुख कारण बनता जा रहा है।

घर के काम और जिम्मेदारियों का असमान बोझ

भारतीय परिवारों में आज बड़ी संख्या में महिलाएं नौकरी और घर दोनों संभालती हैं। ऐसे में अगर खाना बनाने, सफाई, बच्चों की देखभाल और घर के दूसरे कामों की जिम्मेदारी एक ही व्यक्ति पर ज्यादा हो, तो थकान बढ़ जाता है। यह ड्रेनेज झुंझलाहट पैदा करता है और रिश्तों में दरार बढ़ती जाती है।

ससुराल और परिवार की दखल

भारतीय शादी में सिर्फ दो लोग नहीं, बल्कि अक्सर दोनों परिवार भी जुड़े होते हैं। माता-पिता की अपेक्षाएं, रहने की व्यवस्था, त्योहार, आर्थिक मदद या बच्चों की परवरिश जैसे मुद्दे पति-पत्नी के बीच मतभेद का कारण बनते हैं और तनाव पैदा करते हैं। ऐसे मामलों में एक सीमा  तय करना और पति-पत्नी का एक-दूसरे के साथ क्लेयर कम्युनिकेशन रखना जरूरी है।

पैसों को लेकर मतभेद

कमाई, खर्च, बचत, निवेश, कर्ज और आर्थिक जिम्मेदारियां आज के विवाह में बड़े मुद्दे हैं। खासकर जब दोनों की आय हो, तब यह तय करना जरूरी हो जाता है कि घर के खर्चे और बचत को कैसे मैनेज किया जाएं।

पर्सनल स्पेस की जरूरत

आज की पीढ़ी शादी के बाद भी अपने करियर, दोस्तों, हॉबीज और आइडेंटिटी को बनाए रखना चाहती है। हर समय साथ रहना जरूरी नहीं, लेकिन पर्सनल स्पेस को गलत समझना भी रिश्ते में तनाव पैदा करता है। एक हेल्दी शादी में दोनों की अपनी आइडेंटिटी बनी रहनी चाहिए।

सोशल मीडिया और कंपैरिजन

सोशल मीडिया पर दूसरों की परफेक्ट मैरिज देखकर अपने रिश्ते की तुलना न करें। इससे अवास्तविक अपेक्षाएं पैदा हो सकती हैं। इसके अलावा पार्टनर के फोन, मैसेज या सोशल मीडिया एक्टिविटी पर जरूरत से ज्यादा नजर रखना आपके रिश्तों में विश्वास को डगमगा सकता है।  

बच्चों के बाद रिश्ते में बदलाव

बच्चे आने के बाद समय, नींद, पैसा और जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। कई कपल्स का पूरा ध्यान पैरेंटिंग पर चला जाता है और पति-पत्नी का साथ बिताने का समय कम हो जाता है। ऐसे में अगर बच्चे की जिम्मेदारी दोनों में बांट दी जाएं, तो दोनों रिश्ते में मिठास बनी रहती है।

भारत कभी महाशक्ति बनने के पीछे नहीं भागा, टोरंटो में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत, दिया मानवता का संदेश

AIMIM नेता महबूब अली की चाकू मारकर हत्या, 5-6 हमलावरों ने घेरकर किया हमला, हैदराबाद में सनसनी

Alert: पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का अलर्ट तो मैदानों में तबाही, 70 KM/h की रफ्तार से आने वाला है मानसून का चक्रवात

इश्क, बंटवारा और दर्द, पाकिस्तान से भारत आई लेखिका, जिसने सालों पहले कलम से समाज की बंदिशों को दी चुनौती

शुद्धिकरण मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज, SC/ST एक्ट की धाराएं लगीं; दलितों के अपमान का आरोप