शरीर के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए खून की जरूरत होती है। अगर, शरीर में खून की कमी हो जाए, तो व्यक्ति का जीवन खतरे में पड़ सकता है। अगर, किसी व्यक्ति को खून की जरूरत हो, लेकिन समय पर खून न मिल सके तो उसकी जान भी जा सकती है।
इसलिए लोगों को रक्तदान के लिए बढ़ावा देने और रक्तदाता का आभार जताने के लिए हर साल 14 जून को 'विश्व रक्तदाता दिवस' (World Blood Donor Day)मनाया जाता है। इसलिए तो रक्तदान को 'महादान' कहा जाता है, क्योंकि रक्तदान रक्तदाता यानी डोनर द्वारा किया जाने वाला एक नेक काम है और जो लाखों लोगों की जान बचाने में मदद करता है।
आज विश्व रक्तदाता दिवस' (World Blood Donor Day) के मौके पर आइए जानें इस दिवस को मनाने का कारण, और ब्लड डोनेट करने के बेहतरीन फायदे और थीम- प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोई भी स्वस्थ व्यक्ति 18 साल की उम्र के बाद आसानी से ब्लड डोनेट कर सकता है। ब्लड देने वाला व्यक्ति एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी और सी आदि रोग न हुआ हो। इसके साथ ही जिसके शरीर में आयरन भरपूर मात्रा हो। हर 3 माह में एक बार रक्तदान करना चाहिए। इससे आपके शरीर में आयरन की मात्रा ठीक बनी रहती है।
आपको बता दें कि 14 जून को नोबेल प्राइज विजेता और वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टेनर का जन्म हुआ था। इन्होंने ABO ब्लड ग्रुप सिस्टम खोजने का श्रेय मिला है। ब्लड ग्रुप्स का पता लगाने वाले कार्ल लैंडस्टीनर के जन्मदिन के दिन ही 'विश्व रक्तदान दिवस' मनाया जाता है। आपको बता दें कि, कार्ल के द्वारा ब्लड ग्रुप्स का पता लगाए जाने से पहले ब्लड ट्रांसफ्यूजन बिना ग्रुप के जानकारी होता था। इसलिए इस खोज के कारण कार्ल लैंडस्टाईन को सन 1930 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
विश्व रक्तदाता दिवस 2024 की आधिकारिक थीम अभी तक घोषित नहीं की गई है। इससे पहले साल 2023 में इस दिवस की थीम- 'Give blood, give plasma, share life, share often' रखी गई थी। लेखिका-सीमा कुमारी