Protein Intake For Healthy Body: हमारे शरीर का ज्यादातर हिस्सा प्रोटीन से बना है। प्रोटीन शरीर के लिए एक सुपरहीरो है, जिसके कई फायदे हैं। प्रोटीन भोजन में संतुष्टि और पूर्णता (Satiety) की भावना देता है। प्रोटीन से मसल्स का विकास और उसकी रिकवरी में मदद करता है।
इसके अलावा, Protein से इम्यूनिटी बढ़ती है। खानपान की ज्यादातर चीजों जैसे- दूध, दही, मांस, मछली, अंडे, नट्स, सोयाबीन इत्यादि से इसकी कमी पूरी की जा सकती है, लेकिन जो लोग फिजिकली अधिक एक्टिव होते हैं, उनके लिए प्रोटीन की मात्रा अधिक चाहिए होती है। इसके लिए वे प्रोटीन पाउडर को भी अपने डाइट में शामिल करते है।
प्रोटीन हमारे खाने के तीन मुख्य अंगों में से एक है- कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट। प्रोटीन अमीनो एसिड से बने होते हैं, जो हमारे सेल के बिल्डिंग ब्लॉक्स के रूप में काम करते हैं। प्रोटीन शरीर के निर्माण, वृद्धि और रिकवरी के लिए आवश्यक Macro Nutrient के तौर पर काम करता है। यह कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन तत्वों से मिलकर बना होता है। हमारे शरीर में शरीर लगभग 20 प्रकार के अमीनो एसिड पाए जाते हैं, इनमें से 9 अमीनो एसिड (amino acids) ऐसे होते हैं, जिन्हें शरीर खुद नहीं बना सकता और इन्हें पाने के लिए हमें प्रोटीन रिच डाइट खाना होता है।
प्रोटीन की कमी को Protein Energy Malnutrition (PEM) कहा जाता है।
हमारे शरीर में प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है। इसलिए, बॉडीबिल्डर और वेटलिफ्टर को प्रोटीन की अधिक जरूरत होती है। इससे उनके मसल्स बढ़ते है और वर्कआउट के दौरान टियर हुए मसल्स रिपेयर भी होते हैं। वेटलॉस के दौरान भी प्रोटीन मसल लॉस होने से बचाता है।
प्रोटीन किसी भी तरह के चोट व घाव को भरने में मदद करता है। इसलिए एथलीट्स को अंदरूनी चोट से उबरने के लिए पर्याप्त प्रोटीन खाने की सलाह दी जाती है।
हमारे शरीर को अच्छे से काम करने के लिए उचित मात्रा में पोषक तत्व की आवश्यकता होती है। इन आवश्यक पोषक तत्वों का सेवन हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है जो ऑस्टियोपोरोसिस जैसी पुरानी हड्डी की बीमारियों को रोकता है। इसलिए, सभी को अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से प्रोटीन का सेवन करना चाहिए।
स्टडीज बताती हैं कि प्रोटीन खाने से ब्लडप्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मदद मिलती है। यह हमें दिल के दौरे, स्ट्रोक और पेट की बीमारियों से बचाता है। इसलिए, ब्लडप्रेशर की समस्याओं से पीड़ित लोगों को अपने प्रोटीन का सेवन बढ़ाने की सलाह दी जाती है।
हमेशा यह सवाल आता है कि कितनी मात्रा में प्रोटीन सेफ होता है। प्रोटीन की मात्रा हर किसी के लिए अलग-अलग हो सकती है। यह शरीर के वजन, लिंग और व्यक्ति की दिनचर्या पर निर्भर करती है। एक्सपर्ट के अनुसार, एक औसत वयस्क के लिए 0.83 ग्राम/किलोग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है। उदाहरण के तौर पर, एक 70 किलो के वयस्क को हर दिन 58 ग्राम प्रोटीन खाना चाहिए।
वेजिटेरियन के लिए सोयाबीन एक अच्छा सोर्स ऑफ प्रोटीन है। प्रोटीन के अलावा सोयाबीन में विटामिन बी कॉप्लेक्स, विटामिन ई और खनिज पदार्थ पाए जाते है। इसके अलावा सोयाबीन फाइबर से भी भरपूर होता है। 100 ग्राम सोया चंक्स में करीब 50 ग्राम प्रोटीन होता है।
सभी डेयरी प्रोडक्ट स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होते हैं, जो हमारे शरीर में कैल्शियम की कमी को पूरी करते हैं। पनीर को दूध से बनाया जाता है और इसमें प्रोटीन, कार्ब्स और फैट पाया जाता है। 100 ग्राम पनीर में 18 ग्राम के आस पास प्रोटीन होता है। दूध ना सिर्फ शरीर में कैल्शियम की कमी पूरी कर हड्डियां मजबूत करता है। एक लीटर दूध में करीब 40 ग्राम प्रोटीन और 100 ग्राम दही में 11 ग्राम प्रोटीन होता है।
मूंग की दाल प्रोटीन की कमी पूरी करने का एक सस्ता साधन है, क्योंकि मूंग की दाल प्रोटीन से भरपूर होती है। सिर्फ 100 ग्राम मूंग की दाल को खाने से करीब 24 ग्राम प्रोटीन मिलता है।
बादाम में गुड फैट और प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है। 100 ग्राम बादाम में लगभग 21 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।
100 ग्राम काजू में करीब 553 कैलोरी, 44 ग्राम फैट और करीब 18 ग्राम प्रोटीन होता है। कैलोरी की मात्रा अधिक होने के कारण लोग इसे खाने से बचते हैं।
अंकुरित अनाज भी प्रोटीन सेवन का एक अच्छा स्त्रोत है। एक कप अंकुरित अनाज में करीब 15 ग्राम प्रोटीन होता है।
यूँ तो मूंगफली में फैट पाया जाता है लेकिन ये प्रोटीन से भरपूर होती है। सिर्फ 100 ग्राम मूंगफली में करीब 26 ग्राम प्रोटीन होता है।
चना ना सिर्फ प्रोटीन बल्कि फाइबर से भी भरपूर होता है, इसे भिगोकर, उबाल कर या फिर रोस्टेड चना भी खाया जा सकता है। 100 ग्राम चने में करीब 15 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।